सारण नगर निगम की बैठक 31 जुलाई को, 50 करोड़ की योजनाएं अटकीं, पार्षद बोले- अब याचना नहीं रण होगा

नगर निगम का प्रशासनिक भवन
Meta Description: सारण नगर निगम बोर्ड की बैठक 31 जुलाई को होगी. 22 जुलाई की बैठक में हंगामे के बाद छह पार्षद निलंबित हुए थे. 50 करोड़ से अधिक की विकास योजनाएं लंबित हैं.
Saran News: नगर निगम बोर्ड की दूसरी बैठक 31 जुलाई को महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने तय की है. बैठक की तिथि तय होते ही विपक्षी पार्षदों ने भी अपना आक्रोश जाहिर करना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ पार्षदों ने उद्घोषणा की है कि 'अब याचना नहीं, रण होगा.' ऐसे में बोर्ड की बैठक में एक बार फिर हंगामे के आसार जताये जा रहे हैं.
पार्षदों के बीच जारी आपसी खींचतान का असर नगर निगम की विकास योजनाओं पर भी पड़ रहा है. करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं लंबित हैं. पार्षदों की चिंता है कि विवाद और बैठकों में हंगामे के कारण उनके वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं.
22 जुलाई की बैठक में नहीं हो पायी योजनाओं पर चर्चा
इससे पहले नगर निगम बोर्ड की बैठक 22 जुलाई को निर्धारित की गयी थी. बैठक के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिसके कारण विकास योजनाओं पर चर्चा नहीं हो सकी और न ही योजनाओं को स्वीकृति मिल पायी.
हंगामे के बाद महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने बैठक को रद्द कर दिया था. साथ ही छह पार्षदों पर दुर्व्यवहार और अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उन्हें 60 दिनों के लिए निलंबित करने का आदेश दिया था. इसके बाद नगर निगम का सियासी माहौल और गरमा गया.
वहीं, 26 पार्षद नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को आवेदन देकर महापौर के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर चुके हैं. ऐसे में 31 जुलाई को होने वाली बैठक के हंगामेदार रहने की संभावना जतायी जा रही है.
कई मायनों में महत्वपूर्ण है 31 जुलाई की बैठक
नगर निगम बोर्ड की 31 जुलाई को होने वाली बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. एक ओर सशक्त स्थायी समिति की बैठक की तिथि बार-बार निर्धारित होने के बावजूद बैठक नहीं हो पा रही है और पार्षदों के बीच टकराव बना हुआ है. दूसरी ओर 22 जुलाई की बोर्ड बैठक हंगामे के कारण रद्द हो चुकी है.
अब दूसरी बार बोर्ड की बैठक आयोजित होने जा रही है. पार्षदों की चिंता है कि आपसी विवाद के कारण उनके वार्डों की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है. ऐसे में पार्षदों का प्रयास रहेगा कि आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनाव से पहले अधिक से अधिक योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके.
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
31 जुलाई को होने वाली नगर निगम बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा प्रस्तावित है.
- पार्षदों के निलंबन का मामला.
- मानसून के दौरान जलजमाव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की समीक्षा.
- वार्ड संख्या 1 से 45 तक नाला एवं सड़क निर्माण की निविदा पूर्व सूची की समीक्षा.
- प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवास योजना के कार्यों की समीक्षा.
- प्रकाश व्यवस्था के रखरखाव और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की समीक्षा.
- सफाई एजेंसी के कार्यों की समीक्षा.
- पूर्व में कार्यरत स्पैरो के क्रियाकलापों पर चर्चा.
- राजस्व संग्रह, होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस और होर्डिंग निविदा पर चर्चा.
- सफाई मित्रों के वेतन मद में बढ़ोतरी की समीक्षा.
क्या बोले निलंबित पार्षद
राजा बाबू उर्फ श्याम, वार्ड पार्षद ने कहा कि यह बात सही है कि उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है कि 'अब याचना नहीं, रण होगा.' लेकिन इसका कतई मतलब यह नहीं है कि बैठक शांतिपूर्ण नहीं होगी. उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए लड़ाई लड़ेंगे.
रमाकांत सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष सह वार्ड पार्षद ने कहा कि 31 जुलाई की बैठक में निर्धारित एजेंडों पर चर्चा होगी ही. इसके साथ ही जिन पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है, उस पर भी चर्चा होगी. उन्हें निलंबन से मुक्त कराने का प्रयास किया जायेगा. उन्होंने महापौर से आग्रह किया कि शांतिपूर्ण माहौल में बैठक संपन्न करायी जाये.
क्या बोले महापौर
लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर, छपरा नगर निगम ने कहा कि 22 जुलाई की बैठक स्थगित कर दी गयी थी. अब 31 जुलाई को बोर्ड की बैठक होगी. प्रयास रहेगा कि बैठक शांतिपूर्ण माहौल में हो और सभी विकास योजनाओं पर चर्चा की जाये.
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