दरियापुर. क्षेत्र में पिछले करीब एक पखवाड़े से जारी भीषण ठंड और शीतलहरी ने खेती-किसानी को बुरी तरह प्रभावित किया है. विशेष रूप से सरसों, तोड़ी, आलू और अन्य नकदी सब्जियों की फसलों पर मौसम की मार साफ देखी जा रही है. ठंड के कारण फसलें पीली पड़ने लगी हैं, जिससे पैदावार घटने की आशंका से किसान बेहद चिंतित हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक ठंड और कोहरे के कारण तोड़ी और सरसों की फसलों में फफूंदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ गया है. वहीं, आलू की फसल पर पाला और कीटों का हमला तेज हो गया है. किसान अपनी मेहनत को बचाने के लिए कीटनाशकों और दवाओं का छिड़काव तो कर रहे हैं, लेकिन लगातार गिरते तापमान के कारण ये दवाएं भी बेअसर साबित हो रही हैं. किसानों ने बताया कि मानसून के अंत में अत्यधिक बारिश होने के कारण इस बार रबी और सब्जियों की बुआई समय पर नहीं हो सकी थी. जब फसलें तैयार हुईं और उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जगी, तभी कड़ाके की ठंड ने विकास रोक दिया. भगवानपुर, खानपुर, मानुपुर, महम्मदपुर, बढ़मुआ, पिरारी, बेला, मुशहरी, लालू टोला, दरियापुर, खिरकिया, फ़ुरसतपुर, बरूआ और दरिहरा सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के किसान सब्जी और तेलहन की खेती पर ही आश्रित हैं. सब्जी की खेती में लागत अधिक आती है, जिसके लिए अधिकांश किसानों ने कर्ज ले रखा है. किसानों को उम्मीद थी कि फसल बेचकर वे कर्ज चुका पाएंगे, लेकिन वर्तमान मौसम को देखते हुए भारी घाटे की संभावना बनी हुई है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही धूप नहीं खिली और तापमान में सुधार नहीं हुआ, तो उनकी लागत निकालना भी मुश्किल हो जायेगा.
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