Chapra News : तेज पछुआ हवा चलने से मक्के व गेहूं की फसलों को नुकसान, किसानों की मुश्किलें बढ़ी

Chapra News : बिगत तीन-चार दिनों से चल रही तेज पछुवा हवा के कारण खेतों में तेजी से नमी घट रही है, जिससे फसलों की हालत बिगड़ने लगी है. मक्के के पौधे पीले पड़ने लगे हैं, वहीं गेहूं की बालियां भी सूखने लगी हैं. यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का कारण बन गयी है.
बनियापुर. बिगत तीन-चार दिनों से चल रही तेज पछुवा हवा के कारण खेतों में तेजी से नमी घट रही है, जिससे फसलों की हालत बिगड़ने लगी है. मक्के के पौधे पीले पड़ने लगे हैं, वहीं गेहूं की बालियां भी सूखने लगी हैं. यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का कारण बन गयी है. पिछले अक्टूबर माह के बाद से बारिश नहीं होने के कारण रवि फसलों की बुआई के दौरान सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, लेकिन किसानों ने किसी तरह से सिंचाई कर बुआई पूरी की थी. अब मार्च महीने के शुरूआत में तेज पछुआ हवा के कारण गेहूं के पौधों में असमय पकने का डर है, जिससे उत्पादन पर बुरा असर पड़ने की संभावना जतायी जा रही है.
किसानों का कहना-धान की फसल के बाद गेहूं पर आ पड़ा संकट
किसानों का कहना है कि पहले धान की फसल बर्बाद हो गयी और अब गेहूं की फसल पर संकट आ गया है. किसान गुड्डू प्रसाद, दशरथ राय, अमित कुमार, और पशुपति सिंह जैसे किसानों ने बताया कि उन्होंने काफी खर्च और परिश्रम से मक्के की बुआई की थी, लेकिन तेज हवा और नमी की कमी के कारण पौधे असमय पीले और सूखे पड़ने लगे हैं, जिससे उनकी लागत भी डूबने की स्थिति में है. इस समय उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है और उनके लिए यह संकट बहुत बड़ा है.सरकारी नलकूप और नहरों की समस्या
किसानों को सिंचाई में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खेतों में नमी की कमी के कारण मक्के के पौधों की सिंचाई करना मुश्किल हो गया है. जहां एक ओर सरकारी नलकूप बेकार पड़े हैं, वहीं नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे सिंचाई में और अधिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं. किसानों का कहना है कि उनका एकमात्र साधन निजी पम्पिंग सेट है, लेकिन इन पम्पिंग सेट्स के चालकों द्वारा 200-220 रुपये प्रति घंटे की दर से पम्प सेट चलाया जा रहा है, जिससे उनका खर्च बढ़ गया है.
सब्जी उत्पादक किसानों की भी बढ़ी मुश्किलें
सब्जी उत्पादक किसानों को भी तेज धूप के कारण काफी परेशानी हो रही है. भिंडी, लौकी, हरा मिर्च, खीरा, करेला आदि जैसी सब्जियों के अच्छे उत्पादन के लिए खेतों में नमी बनाए रखना जरूरी होता है, लेकिन तापमान बढ़ने की वजह से नमी तेजी से घट रही है, जिससे किसानों को दिन-प्रतिदिन सिंचाई करनी पड़ रही है. वहीं, स्थानीय स्तर पर इन सब्जियों का उत्पादन अब तक शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोग ऊंची कीमतों पर सब्जियां खरीदने को मजबूर हैं.
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