अधूरे इंदिरा आवास जल्द होंगे पूरे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Oct 2016 12:32 AM (IST)
विज्ञापन

28 हजार 600 इंदिरा आवास का निर्माण है अधूरा छपरा (सदर) : सारण जिले में वर्ष 1994-95 से 2009-10 के बीच 28 हजार 600 इंदिरा आवास का निर्माण अधूरा है. ऐसी स्थिति में ग्रामीण विकास विभाग अधूरा पड़े इन इंदिरा आवासों के लाभुकों को अतिरिक्त राशि देकर पूरा कराने के लिए संकल्पित है. विभागीय निर्देश […]
विज्ञापन
28 हजार 600 इंदिरा आवास का निर्माण है अधूरा
छपरा (सदर) : सारण जिले में वर्ष 1994-95 से 2009-10 के बीच 28 हजार 600 इंदिरा आवास का निर्माण अधूरा है. ऐसी स्थिति में ग्रामीण विकास विभाग अधूरा पड़े इन इंदिरा आवासों के लाभुकों को अतिरिक्त राशि देकर पूरा कराने के लिए संकल्पित है. विभागीय निर्देश के आलोक में डीडीसी की देख-रेख में इन अधूरा निर्माण वाले इंदिरा आवास वाले लाभुकों को मोटिवेट कर व राशि उपलब्ध कराकर अधूरे इंदिरा आवासों को पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसके तहत प्रत्येक पंचायत के मुखिया को अधूरे इंदिरा आवास की सूची उपलब्ध कराकर अपने-अपने पंचायत में एक निश्चित तिथि में बीडीओ की उपस्थिति ‘मोटिवेशन कैंप’ आयोजित कर सरकार के निर्देश को पूरा करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है.
तो अनुसूचित जाति, जनजाति के लाभुकों जो राशि मिलने के बावजूद अपना आवास बनाने में विफल रहे है तथा उनका आवास निर्माण अधूरा पड़ा है उन्हें शीघ्र ही 30 हजार रुपये उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है. वहीं अन्य जातियों के लाभुकों को अधूरा निर्माण आवास में खर्च आनेवाली मजदूरी का व्यय सरकार करेगी. जिसकी निगरानी पंचायत स्तर पर होगी.
कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लाभुकों को नियुक्त किया जायेगा वन पोषक : डीडीसी के अनुसार वैसे इंदिरा आवास के लाभुक जिन्हें यह सुविधा देने के बावजूद भी अधूरा आवास निर्माण संभव नहीं दिखता. वैसे लाभुकों को अगले पांच वर्ष के लिए मनरेगा के वन पोषक के रूप में 14 सौ रुपया प्रतिमाह के हिसाब से मानदेय पर नियुक्ति का निर्देश भी मुखिया व मनरेगा के पदाधिकारियों को दिया गया है. जिससे इस मिलने वाली राशि से अपना अधूरा इंदिरा आवास निर्माण का कार्य पूरा कर सके. वनपोषक के जिम्मे मनरेगा से लगाये जाने वाले पौधों की अगले तीन साल तक देख-रेख की जिम्मेवारी होगी.
लाभार्थियों को मिलेंगे 30 हजार रुपये
सारण जिले में 28 हजार 600 इंदिरा आवास जो वर्ष 1994-95 से 2009-10 तक के बीच स्वीकृत हुए थे परंतु, निर्माण अधूरा है उन्हें शीघ्र पूरा कराया जाये. इसके लिए अनुसूचित जाति-जनजाति के लाभुकों को 30 हजार रुपये तथा अन्य जाति के लाभुकों को अधूरा कार्य पूरा करने में लगने वाली मजदूरी खर्च सरकार देगी. जिससे सभी अधूरे मकान पूरा हो जाये.
सुनील कुमार, डीडीसी, सारण
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




