अटेंडेंस बनाने की योजना अधर में

Published at :08 Sep 2016 3:46 AM (IST)
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अटेंडेंस बनाने की योजना अधर में

बायोमीटरिक सिस्टम. उपस्थिति सुनिश्चत करने के लिए बनायी गयी थी योजना कर्मचारियों के विलंब से आने पर नहीं लग रहा अंकुश बायोमीटरिक सिस्टम लगाने में एक लाख रुपये की जरूरत कार्यालय में इस सिस्टम को लगाने के लिए राशि का आवंटन अब तक नहीं छपरा (सारण) : बायोमीटरिक सिस्टम से अटेंडेंस बनाने की योजना अबतक […]

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बायोमीटरिक सिस्टम. उपस्थिति सुनिश्चत करने के लिए बनायी गयी थी योजना

कर्मचारियों के विलंब से आने पर नहीं लग रहा अंकुश
बायोमीटरिक सिस्टम लगाने में एक लाख रुपये की जरूरत
कार्यालय में इस सिस्टम को लगाने के लिए राशि का आवंटन अब तक नहीं
छपरा (सारण) : बायोमीटरिक सिस्टम से अटेंडेंस बनाने की योजना अबतक धरातल पर नहीं उतर सका. जिला से लेकर प्रखंड स्तर के सभी कार्यालयों के कर्मचारियों पदाधिकारियों की हाजिरी बायोमीटरिक सिस्टम से शुरू करने का निर्देश सरकार ने दिया था. लेकिन पांच वर्ष गुजर गये. अबतक किसी भी कार्यालय में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सका है.
सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों-पदाधिकारियों की उपस्थिति ससमय सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू करने की योजना बनायी बनायी गयी है. दरअसल सरकारी कार्यालयों से कर्मचारियों -पदाधिकारियों के गायब रहने की प्रवृति पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया. यह सिस्टम लागू नहीं रहने से कर्मचारियों के गायब रहने तथा लेटलतीफी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.
आलम यह है कि प्रमंडल व जिला स्तर के कार्यालय से भी कर्मचारी पदाधिकारी गायब रह रहे है. हाल ही में प्रमंडलीय आयुक्त नर्वदेश्वर लाल ने जांच दल का गठन किया. जांच दल ने पहले ही दिन उपनिदेशक कार्यालय का निरीक्षण किया जहां पदाधिकारी से लेकर कर्मचारियों तक अनुपस्थित पाये गये.
अधिकारी बेलगाम
सरकारी कार्यालयों की जांच के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की ओर से गठित जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि सीडीपीओ बेलगाम है. एक माह के अंदर जांच दल ने चार प्रखंडों की जांच की. जांच के दौरान चारों प्रखंडों की सीडीपीओ कार्यालय बंद पाया गया. प्रखंडों में सीडीपीओ कार्यालयों का आलम यह है कि सीडीपीओ तो गायब रहती ही हैं, महिला पर्यवेक्षिका भी कार्यालय नहीं आती है. लिपिक, चालक व चपरासी भी इसका लाभ उठाकर घर रहते है. बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों के गायब रहने से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नियमित ढंग से नहीं हो रहा है.
कई कार्यालयों में इंटरनेट की सुविधा नहीं
इन कार्यालयों में भी पाये गये अनुपस्थित
छपरा सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कर्मचारी पदाधिकारी अनुपस्थित मिले. सदर प्रखंड के सीडीपीओ कार्यालय बंद पाया गया. कृषि, सहकारिता, मनरेगा का भी कार्यालय बंद मिला
जलालपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भी दो दर्जन से अधिक कर्मचारी-पदाधिकारी गायब पाये गये. सीडीपीओ कार्यालय में ताला बंद पाया गया. प्रखंड के पर्यवेक्षक स्तर के अधिकारी भी अनुपस्थित मिले.
मांझी प्रखंड सह अंचल कार्यालय के औचक निरीक्षण में दो दर्जन से अधिक कर्मचारी-पदाधिकारी अनुपस्थित मिले. यहां भी सीडीपीओ कार्यालय बंद पाया गया. यहां भी प्रखंड के पर्यवेक्षक स्तर के सभी अधिकारी कार्यालय में नहीं मिले.
राशि का आवंटन नहीं
सरकारी कार्यालयों में इंटरनेट की सुविधा नहीं रहने के कारण बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने में बाधा उत्पन्न हो रही है. इसके लिए सरकार की ओर से राशि का भी आवंटन नहीं किया गया है. इस वजह से बायोमेट्रिक सिस्टम अबतक नहीं लगाया जा सका है. प्रत्येक कार्यालय में बायोमीटरिक सिस्टम लगाने में कम से कम एक लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है.
किसी भी कार्यालय में बायोमीटरिक सिस्टम लगाने के लिए राशि नहीं दी गयी है. आंतरिक श्रोत से बायोमीटरिक सिस्टम खरीदने का निर्देश दिया गया है. कार्यालयों में इंटरनेट की सुविधा बहाल नहीं हो सकी है. कार्यालयों के कर्मचारी तथा पदाधिकारी भी बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने में रुचि नहीं दिखा रहे है.
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