अलाव की आस में गरीब निराश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Dec 2015 5:35 AM (IST)
विज्ञापन

छपरा (सदर) : दिसंबर माह में तेज सर्द हवा व कोहरे के कारण बेघर सड़कों के किनारे, बस स्टैंड, रेलवे प्लेटफाॅर्म, चौक-चौराहों पर ठिठुरने को विवश हैं. अब तक प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. ऐसी स्थिति में करीब इस भीषण ठंड में वे कभी भगवान […]
विज्ञापन
छपरा (सदर) : दिसंबर माह में तेज सर्द हवा व कोहरे के कारण बेघर सड़कों के किनारे, बस स्टैंड, रेलवे प्लेटफाॅर्म, चौक-चौराहों पर ठिठुरने को विवश हैं. अब तक प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. ऐसी स्थिति में करीब इस भीषण ठंड में वे कभी भगवान को, तो कभी अपने भाग्य को कोस रहे हैं.
मांगे साढ़े 12 लाख, मिले डेढ़ लाख : शीतलहर के कारण बढ़ी ठंड से बेघरों को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक निजात दिलाने के उद्देश्य से डीएम दीपक आनंद ने आपदा प्रबंधन विभाग से 12 लाख रुपये की राशि अलाव हेतु मांग की थी. साथ ही यह कहा गया था कि काफी कम राशि मिलने के कारण अलाव की बेहतर व्यवस्था नहीं हो पाती है.
ऐसी स्थिति में छपरा नगर पर्षद, छह नगर पंचायतों तथा 20 प्रखंडों के लिए डीएम ने 12 लाख 50 हजार रुपये की मांग की थी. आपदा प्रबंधन विभाग ने साेमवार की संध्या अलाव जलाने हेतु महज डेढ़ लाख रुपये की राशि आवंटित की है. स्थानीय पदाधिकारी डेढ़ लाख रुपये को शहरी निकाय, छह नगर पंचायतों एवं 20 प्रखंडों में बांटने को लेकर पसोपेश में हैं.
उनका कहना है कि नगर पर्षद में 15 हजार व प्रखंडों में 5 हजार रुपये भेज कर कितने गरीबों के लिए अलाव की व्यवस्था करें. डीएम ने नगर पर्षद के लिए 1 लाख, छह नगर पंचायतों यथा सोनपुर, दिघवारा, परसा, एकमा, मढ़ौरा, रिविलगंज के लिए 25-25 हजार रुपये व 20 प्रखंडों के लिए 50-50 हजार रुपये की जरूरत बता कर कुल साढ़े 12 लाख रुपये की मांग की थी.
नाइट शेल्टर बना शिक्षक नियोजन कार्यालय : छपरा शहर में कोई भी रैन बसेरा कार्यरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर छह वर्ष पूर्व नगर पर्षद परिसर में 8 लाख रुपये की लागत से महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग बनाये गये नाइट सेल्टर में बेघर गरीबों को रात में ठहरने के दौरान बिछावन, ओढ़ना आदि मद में राशि भी प्रतिवर्ष उपलब्ध करायी जाती रही है. परंतु, निर्माण के बाद से ही लगातार यह नाइट सेल्टर शिक्षक नियोजन तथा चुनाव कार्य आदि के संचालन जैसे कार्यों में दिखा.
हालांकि नगर परिषद प्रशासन ने शिक्षक नियोजन कार्यालय को नाइट सेल्टर से खाली कराकर दो तीन दिनों में नाइट सेल्टर को बेघर गरीबों के लिए उपयोगी बनाने की बात कही. उन्होंने बताया कि जिले में इसके अलावा कोई भी रैन बसेरा नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










