ठंड से बढ़ा हार्टअटैक व लकवे का खतरा

Updated at : 18 Dec 2019 12:54 AM (IST)
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ठंड से बढ़ा हार्टअटैक व लकवे का खतरा

छपरा : ठंड का प्रकोप बढ़ते ही जिले में हार्टअटैक व ब्रेनहैमरेज के मामले बढ़ गये हैं. बढ़ते ठंड के कारण बीते कुछ दिनों में हर्टअटैक व ब्रेन हैमरेज जैसे मामलों में कई लोगों की जानें चली गयी. वहीं कार्डियोलॉजी संबंधित अस्पताल में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. दो दिनों पहले सदर […]

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छपरा : ठंड का प्रकोप बढ़ते ही जिले में हार्टअटैक व ब्रेनहैमरेज के मामले बढ़ गये हैं. बढ़ते ठंड के कारण बीते कुछ दिनों में हर्टअटैक व ब्रेन हैमरेज जैसे मामलों में कई लोगों की जानें चली गयी. वहीं कार्डियोलॉजी संबंधित अस्पताल में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. दो दिनों पहले सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ मिथलेन्द्र कुमार सिंह की मौत हृदय गति रुकने से हो गयी. एक अन्य हार्टअटैक मामले में जेपी यूनिवर्सिटी के पीआरओ प्रो केदारनाथ की मौत हो गयी.

सदर अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस तरह के मामलों में 15-20 फीसदी तक वृद्धि हुई है. पिछले कुछ दिनों में बढ़ती सर्दी की वजह से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है. खासकर बुजुर्ग अपने शरीर को तापमान के अनुसार नहीं ढाल पा रहे हैं. इससे हार्टअटैक व लकवा संबंधित बीमारियों का खतरा बना हुआ है.
सीजनल बीमारियों को नजरअंदाज करना गलत : ब्रेन स्ट्रोक व हर्ट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर छपरा के डॉ मधुकर बताते हैं कि कड़ाके की ठंड अपने साथ सिर्फ सर्दी-खांसी ही नहीं बल्कि ब्रेन स्ट्रोक और हार्टअटैक का खतरा भी लाती है.
जो कि जानलेवा है. ठंड में हार्टअटैक की संभावना डेढ़ से दो फीसदी बढ़ जाती है. उच्च रक्तचाप वाले लोगों में यह ज्यादा होता है. लोगों को बायें हाथ व छाती में बायीं ओर दर्द हो तो ऐसे लोगों को हार्टअटैक आ सकता है. इसके अलावा पेट मे भी जलन महसूस होती है, इन सब लक्षणों को लोग नजरअंदाज़ करते हैं. ऐसे में डॉक्टर के पास जाना चाहिए.
ठंड में रक्त की पतली नलिकाएं हो जाती है संकरी : लोगों को ठंड से बचावरक्त की पतली नलिकाएं संकरी हो जाती है. जिससे रक्त का दबाव बढ़ जाता है. अधिक ठंड पड़ने या ठंडे मौसम के अधिक समय तक रहने पर खासकर उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है.
खान-पान में सावधानी बरतें, वहीं मोटापा पर भी ध्यान देने की जरूरत है. ब्रेन स्ट्रोक को लेकर डॉक्टर बताते हैं कि शरीर का रक्तचाप बढ़ता है, जिससे बाहर की धमनियां सिकुड़ जाती हैं. वहीं रक्त धमनियों में क्लॉटिंग होने से स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है. अत्यधिक दबाव बढ़ने से धमनियां फट जाती हैं.
समय पर दवाइयां लेना जरूरी
शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक व संजीवनी नर्सिंग होम के डॉ अनिल कुमार सिंह बताते हैं कि लोगों को ठंड में बचाव करना बहुत जरूरी है. जिन्हें भी हाइ ब्लड प्रेशर है. उन्हें समय पर दवाइयां लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि युवाओं में भी हार्ट से जुड़ी बीमारी की शिकायतें बढ़ी हैं. ठंड में रक्त की पतली नलिकाएं संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्त का दबाव बढ़ जाता है.अधिक ठंड बढ़ने से उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों में स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाती है.
अस्पताल प्रशासन अलर्ट
ठंड के बढ़ते असर को देखते हुए सदर अस्पताल में आपातकालीन विभाग व ओपीडी में चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है. हार्टअटैक व ब्रेन स्ट्रोक के जो भी मरीज आ रहे हैं उनका उचित इलाज किया जा रहा है. लोगों को इस ठंड में काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता है. गर्म कपड़ों के बिना घर से बाहर न निकलें. खानपान पर भी ध्यान दें. गर्म पानी का सेवन करें. थोड़ी भी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से मिलें.
डॉ रामइकबाल प्रसाद, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, छपरा
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