ePaper

दोनों किडनी फेल सुधीर को मदद की है दरकार

Updated at : 26 Sep 2019 5:12 AM (IST)
विज्ञापन
दोनों किडनी फेल सुधीर को मदद की है दरकार

दिघवारा : जब शरीर किसी गंभीर बीमारी की गिरफ्त में आ जाता है तो रोगी के मन का विश्वास डिगने लगता है. ऐसे में जब पास में पैसा हो तो किसी तरह बीमारी से लड़ा जा सकता है, मगर जब अर्थाभाव वाले किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी अपने आगोश में लेती है तो पहले […]

विज्ञापन

दिघवारा : जब शरीर किसी गंभीर बीमारी की गिरफ्त में आ जाता है तो रोगी के मन का विश्वास डिगने लगता है. ऐसे में जब पास में पैसा हो तो किसी तरह बीमारी से लड़ा जा सकता है, मगर जब अर्थाभाव वाले किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी अपने आगोश में लेती है तो पहले तन व फिर मन बीमारी के साथ संघर्ष में हारने लगता है. ऐसे में बीमार आदमी हर किसी से उम्मीद रखता है, ताकि वह बीमारी से लड़कर स्वस्थ होकर फिर अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ा सके.

नगर पंचायत दिघवारा के वार्ड संख्या 11 के हेमतपुर गांव निवासी बालदेव सिंह के 40 वर्षीय पुत्र सुधीर कुमार सिंह के सामने कुछ ऐसी ही परिस्थिति खड़ी हो गयी है. जब तक शरीर चला तो इस शख्स ने ड्राइवर का काम करके परिजनों का पेट भरा, मगर इसी बीच उसके शरीर को गंभीर बीमारी ने जकड़ लिया और उसकी दोनों किडनियां फेल हो गयीं.
वह पिछले कई महीनों से जिंदगी और मौत के मुहाने पर खड़ा होकर किसी ऐसे उद्धारक का इंतजार कर रहा है जो उसकी जिंदगी बचाने में उसकी आर्थिक रूप से मदद कर सके. सुधीर पिछले कई महीनों से किडनी रोग से पीड़ित है और पटना के अस्पतालों का चक्कर लगाते-लगाते थक चुका है.
लगातार अस्पताल की दौड़ ने उसे अंदर से तोड़ दिया है और अर्थाभाव में वह अपना इलाज नहीं करवा पा रहा है. पत्नी परेशान है व एक साल का अबोध बालक का भविष्य भी सुधीर के कंधे पर है. उसके परिवार में माता पिता व अन्य तीन भाई हैं. बड़ा भाई संजय सिंह पिछले 25-30 वर्षों से बसों पर कंडक्टर के रूप में कार्य कर पूरे परिवार की गाड़ी खींच रहा था.
जब से संजय को भाई के बीमार होने की खबर मिली है तब से वह भी पिछले तीन माह से नौकरी छोड़ कर अपने भाई को जीवन देने में जीजिविषा के साथ लगा हुआ है, लेकिन महीने में चार-पांच बार डायलिसिस कराने में ही पूरा परिवार टूट जाता है. अब परिवार वाले भी अर्थाभाव में उसका इलाज कराने में असमर्थता जता रहे हैं.
ऐसे में किडनी रोग से पिछले कई माह से पीड़ित सुधीर को किसी मददगार का इंतजार है. इस बीमार मरीज की बदकिस्मती देखिए कि न तो इसका नाम बीपीएल सूची में है और न ही इसके पास आयुष्मान योजना जैसा कोई हेल्थ कार्ड है. स्थानीय रवींद्र सिंह, युगलकिशोर प्रसाद, राममूर्ति, रमेश वैश्य,गोपालजी सिंह,ब्रजेश सिंह व अमरेंद्र चौरसिया आदि लोगों ने स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी से मदद दिलाने का भरोसा जताया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन