अफ्रीकी कीट फॉल आर्मी वर्म से मक्के की फसल पर संकट
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Sep 2019 5:12 AM (IST)
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सारण/गोपालगंज : अफ्रीकी कीट फॉल आर्मी वर्मी जिले में दस्तक दे चुका है. इससे मक्के की फसल पर खतरा मंडराने लगा है. फॉल आर्मी कीट का प्रकोप फुलवरिया प्रखंड के सेमरौना पतराहा में पाया गया है. जिले में 15 हजार हेक्टेयर में किसानों में ने मक्का की खेती की है. अगर इस पर शीघ्र नियंत्रण […]
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सारण/गोपालगंज : अफ्रीकी कीट फॉल आर्मी वर्मी जिले में दस्तक दे चुका है. इससे मक्के की फसल पर खतरा मंडराने लगा है. फॉल आर्मी कीट का प्रकोप फुलवरिया प्रखंड के सेमरौना पतराहा में पाया गया है. जिले में 15 हजार हेक्टेयर में किसानों में ने मक्का की खेती की है. अगर इस पर शीघ्र नियंत्रण नहीं किया गया तो देखते-देखते पूरी की पूरी फसल को नुकसान पहुंच सकता है. सेमरौना गांव के किसान लालबाबू सिंह 42 कट्ठा मक्का की खेती किये हैं.
मंगलवार को उपनिदेशक पौधा संरक्षण सारण भूषण प्रसाद, केवीके के पौधा संरक्षण वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार और कृषि समन्वयकों ने लालबाबू के मक्का की खेत में फॉल आर्मी वर्मी की जांच की. बुधवार को सौंपी गयी रिपोर्ट में फॉल आर्मी कीट पाये जाने की पुष्टि की गयी है तथा उपनिदेशक ने पूरे जिले में मक्का की जांच कर प्रतिवेदन दो दिनों के अंदर कृषि समन्वयकों को सौंपने का निर्देश दिया है.
बारिश के लंबे गैप की वजह से बढ़ रहा प्रकोप
जिस प्रकार से बारिश का दौर चला है, उससे फॉल आर्मी वर्मी कीट का खतरा बढ़ सकता है. बारिश में लंबा गैप और वातावरण में नमी के कारण फॉल आर्मी वर्मी कीट को बढ़ने के लिए पर्याप्त माहौल मिलता है. यह सैन्य कीट मक्के के पौधे की बढ़ने की शक्ति को समाप्त कर देता है. यदि समय पर इसका नियंत्रण नहीं किया गया तो पूरा पौधा ही चट कर जाता है. यह कीड़ा मक्का के भुट्टों को चटकर जाता है.
करें कीट पर नियंत्रण
फॉल कीट के नियंत्रण के लिए मक्का की फसल के लिए अनुसंशित रसायन या इमामेक्टीनबेंजोएट 80 ग्राम प्रति एकड़ या थायोमेथक्सम 12.6 प्रतिशत के साथ लेम्डसाइलो हेलेथ्रीन 9.5 प्रतिशत मिली लीटर या थायोडिकार्ड 75 प्रतिशत डब्लूपी मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.
स्पाइनो सेड 48 एससी या 45 एससी प्रति 0.3 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बना कर इस प्रकार छिड़काव करना चाहिए कि छिड़काव गाभा में प्रवेश कर सके. इससे बहुत हद तक कीट के प्रकोप को रोका जा सकता है
मक्के के खेत में पहुंचे कृषि समन्वयक, की जांच
गोपालगंज, फुलवरिया प्रखंड के सेमरौना में मक्का में फॉल आर्मी वर्मी की पुष्टि होने के बाद पौधा संरक्षण के उपनिदेशक सारण भूषण प्रसाद के निर्देश पर बुधवार को सभी प्रखंडों में कृषि समन्वयकों ने मक्का के फसल की जांच की.
जांच में कई खेतों में ऐसे कीटों को पाया गया है. गुरुवार को भी शेष खेतों की जांच होनी है. गुरुवार को ही कृषि विभाग प्रभावित क्षेत्र की रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को सौंपेंगा. इन कीटों का प्रभाव सुन किसान बेचैन है.
क्या कहता है विभाग
फुलवरिया में वैज्ञानिकों व वरीय अधिकारी की जांच में फॉल आर्मी वर्मी की पुष्टि की गयी है. इसके बाद पूरे जिले में मक्का के फसल की जांच करायी जा रही है. प्रभाव कितना है, पूरी रिपोर्ट आने पर पता चल पायेगा.
वेद नारायण सिंह, डीएओ, गोपालगंज.
एक नजर मक्के की खेती पर
कुल मक्के की खेती- 15000 हेक्टेयर
मक्के की खेती करनेवाले किसान- 69 हजार
फॉल आर्मी का संभावित प्रभाव- 10 से 22 फीसदी
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