वरीय पदाधिकारियों के आदेशों को नजरअंदाज करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Aug 2019 6:06 AM
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छपरा (सदर) : विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों में वरीय पदाधिकारियों के आदेशों को नजर अंदाज करने की प्रवृत्ति बढ़ी है. जिससे एक ओर जहां विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है. तो दूसरी ओर नये कर्मियों की कार्यशैली पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इसे लेकर सारण के जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी […]
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छपरा (सदर) : विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मियों में वरीय पदाधिकारियों के आदेशों को नजर अंदाज करने की प्रवृत्ति बढ़ी है. जिससे एक ओर जहां विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है. तो दूसरी ओर नये कर्मियों की कार्यशैली पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
इसे लेकर सारण के जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी आदि भी अपने-अपने विभाग के ऐसे कर्मियों के विरुद्ध कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की तैयारी में हैं. जिला पदाधिकारी द्वारा जून के अंतिम सप्ताह में समाहरणालय सेवा के अलावा पंचायत सचिव आदि पदों के लगभग तीन सौ कर्मियों का तबादला किया गया था.
परंतु, आश्चर्य की बात तो यह है कि दो दिन पूर्व तक 18 पंचायत सचिवों ने अपना प्रभार डीएम के बार-बार आदेश के बावजूद नहीं दिया था. इसके बाद नाराज जिला पदाधिकारी ने तीन पंचायतों के पंचायत सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश संबंधित प्रखंडों के बीडीओ को दिया है. साथ ही 22 अगस्त तक योगदान नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.
डीएम के द्वारा समीक्षा के दौरान गत सप्ताह डेढ़ दर्जन पंचायत सचिवों के प्रभार आदान-प्रदान करने की सूचना मिली थी. परंतु जब प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया, तो कई ने प्रभार ग्रहण किया. वहीं समाहरणालय सेवा के अब भी दर्जन भर कर्मियों ने या तो स्थानांतरित कार्यालय में अपना योगदान नहीं दिये है या दिया है, तो प्रभार नहीं लिया है.
इसे लेकर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने मंगलवार तक योगदान नहीं करने या योगदान के बाद लंबे समय से प्रभार नहीं ग्रहण करने वाले कर्मियों पर निलंबन या विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. सारण प्रमंडल के आरडीडीइ के गत जुलाई के दूसरे सप्ताह में तीन दर्ज से ज्यादा मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की प्रोन्नति के बाद विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापना की गयी थी.
परंतु, संबंधित प्रधानाध्यापकों को वहां से पूर्व से कार्यरत कनीय शिक्षकों द्वारा प्रभार नहीं देने के कारण एक ओर जहां पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है वहीं दूसरी ओर पदाधिकारियों के आदेश का मखौल उड़ रहा है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीइओ अजय कुमार ने कहा कि ऐसे विद्यालयों व शिक्षकों की सूचना एकत्र की जा रही है.
क्या कहते हैं डीएम
पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार लेखापाल के 81 तथा जेइ के 81 पदों पर बहाली के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों के फर्जी प्रमाणपत्र जमा कर नियुक्त के प्रयासरत चार दर्जन अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी पूरी कर ली गयी है. वहीं जिनके प्रमाणपत्र सही पाये गये लेखापाल के अभ्यर्थियों को अगले सप्ताह नियुक्ति पत्र दिया जायेगा. जेइ के 81 पदों पर बहाली पर पटना उच्च न्यायालय ने तत्काल रोक लगायी है.
सुब्रत कुमार सेन, डीएम, सारण
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