ePaper

सारण : हौसलों से उड़ान भर रहा है दिव्यांग दीपक

Updated at : 26 Mar 2019 5:49 AM (IST)
विज्ञापन
सारण : हौसलों से उड़ान भर रहा है दिव्यांग दीपक

कई शहरों में जागरूकता रैली व सेमिनार कर 500 दिव्यांगों को समझाया जीने का मतलब अमनौर (सारण) : दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है. एक कामयाबी ही है जो ठोकर खाकर मिलती है. इस कहावत को सत्य साबित करता हुआ अमनौर का एक दिव्यांग युवक हौसलों का पंख लगाकर उड़ान […]

विज्ञापन
कई शहरों में जागरूकता रैली व सेमिनार कर 500 दिव्यांगों को समझाया जीने का मतलब
अमनौर (सारण) : दुनिया की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है. एक कामयाबी ही है जो ठोकर खाकर मिलती है. इस कहावत को सत्य साबित करता हुआ अमनौर का एक दिव्यांग युवक हौसलों का पंख लगाकर उड़ान भर रहा है.
हाल में हुए बिहार के पटना में आयोजित 19वीं राज्यस्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में शॉटपुट, डिस्कस थ्रो में सिल्वर, जैवलिन थ्रो में गोल्ड तथा व्हीलचेयर 100 मीटर तथा 400 मीटर की दौड़ में कांस्य पदक हासिल कर नेशनल पारा आेलंपिक में अपनी प्रतिभा के बल पर पहचान बनाने का रास्ता साफ कर लिया. यह दिव्यांग युवक सारण जिले के अमनौर प्रखंड अंतर्गत शेखपुरा गांव का 27 वर्षीय युवक दीपक कुमार सिंह है. इसकी जीवन का अबतक का सफर किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है.
यह होनहार युवक 2012 में आगरा से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई से अपना कैरियर बनाने की कोशिश कर रहा था. तभी एक हादसे में इसकी रीढ़ की हड्डी टूट गयी. दिव्यांग दीपक ने दूसरे दिव्यांगों (रीढ़ की हड्डी टूटने से लाचार) को एक नयी जिंदगी शुरू करने के लिए उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से देश के विभिन्न शहरों में जागरूकता रैली व सेमिनार आयोजित कर लगभग पांच सौ दिव्यांगों को जीने का मतलब समझाया.
19वीं राज्यस्तरीय खेलकूद में जीते कई मेडल
जून, 2017 में ओड़िशा से व्हीलचेयर बास्केटबाॅल से शुरू किया. कड़े अभ्यास की बदौलत नवंबर, 2017 में ओड़िशा टीम में बतौर कैप्टन चुना गया.
नेशनल व्हीलचेयर बास्केटबाॅल चैंपियनशिप में खेलने का मौका मिला. हालांकि टीम का बेहतर प्रदर्शन नहीं रहा. 2018 में आयोजित पांचवां नेशनल व्हीलचेयर बास्केटबाॅल चैंपियनशिप में 24 राज्यों में से 24 खिलाड़ियों को चुना गया जिसमें 13वें स्थान पर दीपक को चुना गया. वहां चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हांगकांग के कोच जॉन हिगंस के नेतृत्व में 15 दिनों का एडवांस प्रैक्टिस किया. फिर भी 13वें नंबर के खिलाड़ी होने के कारण इंटरनेशनल खेल में खेलने का मौका नहीं मिला.
उसने चेन्नई में 6 जनवरी को आयोजित मैराथन व्हीलचेयर 21 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा लेकर कांस्य पदक हासिल किया. वहीं 17 फरवरी, 2019 को चंडीगढ़ में आयोजित मैराथन व्हीलचेयर 21 किलोमीटर की दौड़ मात्र 2 घंटे आठ मिनट में पूरा कर कांस्य पदक प्राप्त किया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन