7.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

बिहार में शराब कारोबारियों के लिए दहशत बनीं महिलाएं, जानें कैसे रिंकू देवी बनीं शराब विरोधी अभियान की परचम

रिंकू देवी बताती हैं कि जीविका दीदियों के साथ मिलकर शराब के खिलाफ मुहिम के दौरान एक बार उन्हें सूचना मिली कि गांव में ही एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से शराब का कारोबार किया जा रहा है. सभी दीदी को लेकर वहां पहुंची. जीविका दीदियों को आता देखकर शराबी एवं शराब के कारोबारी वहां से भाग गये

मिथिलेश, पटना. समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर बिथान की महिलाएं शराब का धंधा करने वालों के लिए दहशत बन गयी हैं. शराब माफियाओं के खिलाफ जंग की शुरुआत करने वाली जीविका दीदी रिंकू देवी के लिए यह आसान काम नहीं था. अब यह लड़ाई बिथान की सभी जीविका दीदियों की लड़ाई बन चुकी है. शराब के खिलाफ आवाज उठी, तो महिलाओं को निशाना बनाया गया. उन पर हमले हुए. उन्हें हर स्तर पर कमजोर करने की साजिश रची गयी. पर महिलाओं के दम-खम के आगे शराब के कारोबारियों को पीछे होना पड़ा. शराब के खिलाफ महिलाओं की यह लड़ाई अब सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया है और शराब विरोधी अभियान का परचम बन गयी हैं बिथान की सैकड़ों अनाम-अचिह्ने महिलाएं .

धमकी के आगे भी नहीं झुकीं रिंकू 

इस अभियान को नेतृत्व देने वाली रिंकू देवी बताती हैं कि जीविका दीदियों के साथ मिलकर शराब के खिलाफ मुहिम के दौरान एक बार उन्हें सूचना मिली कि गांव में ही एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से शराब का कारोबार किया जा रहा है. सभी दीदी को लेकर वहां पहुंची. जीविका दीदियों को आता देखकर शराबी एवं शराब के कारोबारी वहां से भाग गये. महिलाओं ने वहां सभी सामान को तोड़ दिया. इसी बीच शराब कारोबारियों द्वारा बार–बार झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. धमकी के आगे वह नहीं झुकी.

पति के मौत के बाद भी जारी रहा अभियान 

रिंकू बताती हैं कि मैंने जब दारू बेचते हुए कारोबारियों को पकड़वाना आरंभ किया, तो उन लोगों ने षडयंत्र कर मेरे साथ मारपीट की. सिर में चोट लगने के कारण उनकी यादाश्त भी कमजोर हो गयी. दुर्भाग्यवश इसी बीच रिंकू देवी के पति की भी मौत हो गयी. इसके बावजूद उनका अभियान जारी है. उन्हें जहां भी शराब या ताड़ी बिक्री की सूचना मिलती है वो या तो खुद पहुंच कर शराब माफियाओं को कारोबार बंद करने के लिए मजबूर करती हैं या फिर टॉल फ्री नंबर या पुलिस को फोन कर शराब माफियाओं को गिरफ्तार करवाती हैं. कहती हैं कि उन्हें इस बात का फक्र है कि शराब माफियाओं के खिलाफ अपनी लड़ाई को कभी भी कमजोर नहीं होने दिया.

हमारी कोशिश शराब नहीं बिके, लोग शांति से रहें

रिंकू देवी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं. क्या अब शराब माफियाओं से डर लगता है? सवाल पर रिंकु देवी थोड़ा मुस्कुराती हैं और कहती हैं कि मुझे क्यों डर लगेगा? डरते तो वे लोग हैं मुझे देखकर. जब मैं उतनी बुरी तरह से पिटाई के बाद भी जिंदा वापस आ गयी तो अब मुझे मरने से डर नहीं लगता. रिंकू देवी का कहना है कि उनका प्रयास है कि हमारा गांव अच्छा बने, लोग शांति से रहें. शराब की बिक्री नहीं हो तथा लोग सरकार द्वारा लिये गये निर्णय को पूरी तरह मानें. रिंकू देवी के हौसले को देखकर उन्हें कई मंचों पर सम्मानित भी किया गया है. नशा मुक्ति दिवस 2019 के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उन्हें पटना में सम्मानित किया गया.

Also Read: बिहार में एसिड अटैक, घर में घुसकर सो रहे पति-पत्नी व दो बच्चों पर डाला तेजाब, वजह हैरान करने वाली
महिलाओं के लिए रिंकु देवी प्रेरणास्त्रोत

जीविका सीइओ राहुल कुमार ने कहा कि शराबबंदी के खिलाफ अभियान चलाने वाली महिलाओं के लिए रिंकु देवी प्रेरणास्त्रोत हैं. पति की मौत के बावजूद अपने अभियान को कमजोर नहीं होने दिया.

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel