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Samastipur News:सिर्फ करते रहे सोच-विचार, छह साल में जमीन पर नहीं उतर पाया वेंडिंग जोन

Updated at : 02 Apr 2025 10:41 PM (IST)
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Samastipur News:सिर्फ करते रहे सोच-विचार, छह साल में जमीन पर नहीं उतर पाया वेंडिंग जोन

Samastipur News:समस्तीपुर : शहर को व्यवस्थित व जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब छह वर्ष पूर्व वेंडिंग जोन की परिकल्पना की गई थी.

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Samastipur News:समस्तीपुर : शहर को व्यवस्थित व जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए करीब छह वर्ष पूर्व वेंडिंग जोन की परिकल्पना की गई थी. लंबा वक्त बीतने के बाद भी निगम पदाधिकारी इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम उठाने में कामयाब नहीं हो सके हैं. इससे शहर की अमूमन सभी सड़कों के किनारे जहां रेहड़ी संचालकों व फुटपाथी दुकानदारों के द्वारा दुकान सजा ली जाती हैं, वहीं दूसरी ओर प्रतिदिन जाम की समस्या से आम अवाम को जूझना पड़ता है. बार बार जाम को लेकर फजीहत होने के बाद निगम व जिला प्रशासन द्वारा आननफानन में अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई तो कर दी जाती है, लेकिन वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाता है. बताते चले कि विगत छह साल में मंडल कारा के पीछे वाली जमीन, मगरदही घाट के निकट, जितवारपुर हाउसिंग बोर्ड के निकट, ताजपुर रोड में सड़क के उत्तर व दक्षिण व पटेल मैदान के निकट वेंडिंग जोन बनाने के लिए जमीन चिन्हित की गयी लेकिन नगर निगम प्रशासन द्वारा उसे मूर्त रूप नहीं दिया जा सका. बजट में हर बार की तरह इस बार भी वेडिंग जोन के लिए नगर निगम ने राशि आवंटित की है.

– शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगभग 1600 फुटपाथी दुकानें लगती है

शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगभग 1600 फुटपाथी दुकानें लगती हैं. इनमें से अधिकतर गरीब परिवार के लोग होते हैं. इन दुकानों में सतुआ, भूंजा, सिजनल फल, समोसा, चाउमीन, गोलगप्पे, कैलेंडर व फूल, स्ट्रीट फूड बेचने से लेकर साइकिल व बाइक का पंचर बनाने वाले भी शामिल होते हैं. इनकी रोजाना की कमाई 200 से 4000 रुपये के बीच है. अगर सही तरीके से शहर के फुटपाथों को विकसित किया गया और महानगरों के तर्ज पर इन्हें व्यवस्था दी जाये, तो इनका रोजगार भी समृद्ध होगा और शहर को भी एक नया कलेवर मिलेगा.

वेडिंग जोन के लिए शहर में नहीं मिल रहा जमीन

पीएम स्वनिधि योजना के तहत करीब 1400 वेंडरों को सर्वे कर चिन्हित किया गया था. लेकिन वेंडिंग जोन डेवलप नहीं हो सका. शहर से दूर जहां भी वेडिंग जोन के लिए जगह चिन्हित की गयी वहां वेंडर जाने के लिए तैयार नहीं हुए. विदित हो कि शहर के अंदर व आसपास नगर निगम के पास वेडिंग जोन के लिए जगह नहीं है. हर शहर की आबादी के 2.5 फीसदी स्ट्रीट वेंडर होते हैं. इस हिसाब से नगर निगम के हर वार्ड में दो वेंडिंग जोन चाहिए. स्थायी, अस्थायी और घूमंतू वेंडरों के लिए जगह देना अनिवार्य है. पूर्व पार्षदों का कहना है कि शहर में वर्ष 2019 में ही फुटपाथी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनना था. लेकिन, छह साल बीत जाने के बाद भी आज तक इसको लेकर कोई पहल नहीं हुई. ऐसे में शहर के फुटपाथी दुकानदारों को सड़क पर ही अपनी दुकान लगानी पड़ती है. इस कारण आये दिन शहर में जाम की समस्या खड़ी हो रही है. वहीं साल में पांच से छह बार इन फुटपाथी दुकानदारों पर कार्रवाई भी होती है और उनकी दुकान तोड़ दी जाती है. इस कारण इनके रोजी-रोटी पर भी संकट की स्थिति बनी रहती है. बीते छह सालों में नगर निगम के बोर्ड की बैठक या सामान्य बैठक के दौरान करीब आठ से अधिक बार विभिन्न वार्ड पार्षदों ने शहर में वेंडिंग जोन बनाये जाने का प्रस्ताव रखा. कई बार प्रस्ताव पर सहमति भी बनी. एक-दो बार इसके लिए जगह चिह्नित करने की प्रक्रिया भी हुई. लेकिन, विभिन्न कारणों का हवाला देते हुए आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका.

बोलीं मेयर

वेंडिंग जोन को मूर्तरूप देने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं. जल्द ही भूमि चिन्हित कर वेडिंग जोन डेवलप किया जायेगा.

अनीता राम, महापौर,नगर निगम, समस्तीपुर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PREM KUMAR

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By PREM KUMAR

PREM KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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