शाहपुर पटोरी श्रम कार्यालय में रिश्वत की शिकायत पर छापेमारी, डाटा ऑपरेटर समेत चार गिरफ्तार

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कार्रवाई के दौरान अधिकारी

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शाहपुर पटोरी के श्रम प्रवर्तन कार्यालय में काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसडीओ ने बड़ी कार्रवाई की है. इस छापेमारी में डाटा एंट्री ऑपरेटर और कथित बिचौलिये सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मामले में 50 लोगों के नाम वाली एक सूची भी बरामद हुई है, जिससे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है.

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Samastipur News: शाहपुर पटोरी के श्रम प्रवर्तन कार्यालय में काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसडीओ विकास कुमार पांडेय ने छापेमारी की. एसडीओ के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में डाटा एंट्री ऑपरेटर और कथित बिचौलिये समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. छापेमारी के दौरान रिश्वत वसूली से संबंधित कथित सूची भी बरामद होने की बात सामने आई है.

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Shahpur Patori News: रिश्वत मांगने की शिकायत पर हुई छापेमारी

जानकारी के अनुसार प्रखंड दिव्यांग संघ के अध्यक्ष एवं लगूनिया गांव निवासी संजीव कुमार ने काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत एसडीओ से की थी. शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांगने का वीडियो भी अधिकारियों को उपलब्ध कराया. इसके बाद एसडीओ ने टीम गठित कर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के कार्यालय में छापेमारी की.

15 हजार रुपये मांगने का आरोप

बताया गया कि संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव कुमार की करीब एक वर्ष पहले मौत हो गई थी. उनकी मूक-बधिर पत्नी चमेली देवी को बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 50 हजार रुपये की सहायता राशि मिली थी.

आरोप है कि इस राशि के एवज में डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार ने ऑनलाइन पांच हजार रुपये सावन कुमार के खाते में जमा करवाए और इसके बाद संजीव से 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने की मांग की जा रही थी. इस तरह कुल 15 हजार रुपये की मांग का आरोप लगाया गया है.

डाटा ऑपरेटर और कथित बिचौलिये समेत चार गिरफ्तार

एसडीओ विकास कुमार पांडेय ने बीडीओ कुमुद रंजन, दरोगा अंशु सिंह एवं अन्य अधिकारियों के साथ कार्यालय में छापेमारी की. इस दौरान डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार, संजय राय, सकलदीप दास और सावन कुमार को गिरफ्तार किया गया.

छापेमारी के दौरान सोनू सिंह के फरार होने की बात भी सामने आई है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.

50 लोगों के नाम वाली सूची बरामद होने का दावा

छापेमारी के दौरान एसडीओ ने कथित रिश्वत वसूली से संबंधित एक सूची बरामद की, जिसमें करीब 50 लोगों के नाम दर्ज होने की बात कही गई है. एसडीओ के अनुसार कार्यालय में एक नेटवर्क संचालित होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है.

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

एसडीओ ने बताया कि श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की भूमिका भी प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हुई है. इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है. जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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