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Samastipur News:2848 प्रारंभिक विद्यालयों की समितियों के सदस्य होंगे प्रशिक्षित

Updated at : 03 Jan 2026 7:12 PM (IST)
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Samastipur News:2848 प्रारंभिक विद्यालयों की समितियों के सदस्य होंगे प्रशिक्षित

शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यालय शिक्षा समितियों के व्यापक प्रशिक्षण की रणनीति तैयार की है.

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Samastipur News:समस्तीपुर :

शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा विभाग ने विद्यालय शिक्षा समितियों के व्यापक प्रशिक्षण की रणनीति तैयार की है. जिले के समस्त 2848 विद्यालयों में गठित शिक्षा समितियों को सशक्त और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति के 6 प्रमुख सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है. प्रत्येक विद्यालय की शिक्षा समिति से अध्यक्ष, सचिव और प्रधानाचार्य के अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग से एक-एक प्रतिनिधि को प्रशिक्षण में शामिल किया जायेगा. यह व्यवस्था सामाजिक समावेशन और समान भागीदारी की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है. शिक्षक सिद्धार्थ शंकर का मानना है कि विद्यालय शिक्षा समिति किसी भी स्कूल की रीढ़ होती है. विद्यालय के विकास, मध्याह्न भोजन के सुचारु संचालन व शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने में इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए समिति सदस्यों को उनके दायित्वों और अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी.

– 5 मार्च तक पूरी होगी प्रक्रिया, दायित्वों और अधिकारों के बारे में दी जायेगी जानकारी

राज्य परियोजना निदेशक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकार को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रशिक्षण कार्य 5 मार्च तक हर हाल में पूर्ण कराया जाये. साथ ही प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों की प्रविष्टि प्रबंध पोर्टल पर अनिवार्य रूप से की जाये. जिलास्तरीय प्रशिक्षण स्थलों और प्रशिक्षणार्थियों की जानकारी राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया गया है, जिससे राज्य स्तर से प्रभावी अनुश्रवण हो सके. विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक बैच में सात विद्यालयों की समितियों के छह-छह सदस्यों, यानी कुल 42 प्रशिक्षणार्थियों को शामिल किया जायेगा. प्रशिक्षण का दायित्व पूर्व में प्रशिक्षित उत्प्रेरकों, आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनरों और अनुभवी सरकारी शिक्षकों को सौंपा जायेगा. यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक बैच में कम से कम एक सरकारी शिक्षक प्रशिक्षक के रूप में अवश्य मौजूद रहे.

अनुश्रवण दल रखेगा निगरानी

प्रशिक्षण स्थलों के चयन में व्यावहारिकता का ध्यान रखा गया है. कॉम्पलेक्स सेंटर के आधार पर ऐसे विद्यालयों को प्रशिक्षण केंद्र बनाया जायेगा, जहां प्रशिक्षणार्थी आसानी से पहुंच सकें. इससे प्रशिक्षण में अधिकतम उपस्थिति हो सकेगी. प्रत्येक विद्यालय में शिक्षा समिति की बैठक आयोजित कर प्रशिक्षण के लिए सदस्यों का चयन किया जायेगा. चयनित सदस्यों को विद्यालय और उसके पोषक क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कराया जायेगा, ताकि वे विद्यालय की वास्तविक स्थिति और चुनौतियों से परिचित हो सकें. प्रशिक्षण की गुणवत्ता के लिए समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष अनुश्रवण दल का गठन किया जायेगा. यह दल यह सुनिश्चित करेगा कि प्रशिक्षण केवल कागजों पर ही नहीं, बल्कि वास्तव में धरातल पर प्रभावी रूप से संपन्न हो रहा है. डीपीओ एसएसए जमालुद्दीन ने बताया कि विभागीय प्रावधानों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्य की तैयारी पूरी कर ली गई है. हमारा लक्ष्य निर्धारित समयावधि में सभी विद्यालयों की शिक्षा समितियों को प्रशिक्षित करना है, जिससे विद्यालयों का तेज गति से विकास हो सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

KRISHAN MOHAN PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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