क्या आपकी जमाबंदी में भी खेसरा नंबर नहीं है? समस्तीपुर में 8 लाख रिकॉर्ड में मिली बड़ी गड़बड़ी
गांव का खेत, फोटो- सोशल मीडिया
Samastipur Khata Khesra: समस्तीपुर की 7.99 लाख जमाबंदियों में खेसरा नंबर नहीं मिला. राजस्व विभाग रिकॉर्ड सुधार में जुटा है. किसानों को जमीन की खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज में परेशानी की आशंका.
Samastipur Khata Khesra: अगर आपकी जमीन समस्तीपुर जिले में है, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिले की करीब 8 लाख जमाबंदियों में खेसरा नंबर दर्ज नहीं है. इससे भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व कार्यों में परेशानी आ सकती है. विभाग रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में जुटा है.
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17.26 लाख जमाबंदियों का हो रहा डिजिटल सत्यापन
विभाग के अनुसार जिले में कुल 17.26 लाख जमाबंदियां हैं. इनमें से अधिकांश रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है, लेकिन करीब 7.99 लाख जमाबंदियों में खेसरा नंबर दर्ज नहीं होने की वजह से रिकॉर्ड अधूरे पाए गए हैं.
खेसरा नंबर नहीं होने से बढ़ेंगी किसानों की मुश्किलें
विशेषज्ञों के अनुसार खेसरा नंबर किसी भी जमीन की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है. यदि डिजिटल रिकॉर्ड में खेसरा नंबर दर्ज नहीं है तो संबंधित जमीन की सटीक लोकेशन स्पष्ट नहीं हो पाती. ऐसी स्थिति में भविष्य में जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज, ऑनलाइन सत्यापन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित हो सकते हैं. किसानों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बार-बार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ सकता है.
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कल्याणपुर में सबसे ज्यादा मामले
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, खेसरा शून्य वाले मामलों में कल्याणपुर अंचल सबसे ऊपर है. यहां 72,563 जमाबंदियों में खेसरा नंबर दर्ज नहीं है. इसके बाद उजियारपुर में 65,524, विभूतिपुर में 57,697 और समस्तीपुर अंचल में 48,085 मामले सामने आए हैं. इन अंचलों में रिकॉर्ड अपडेट करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
खेसरा नंबर क्या है?
खेसरा नंबर किसी जमीन के टुकड़े की सरकारी पहचान संख्या होती है. इसी के आधार पर जमीन की लोकेशन, मालिकाना रिकॉर्ड और राजस्व संबंधी जानकारी दर्ज रहती है.
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अगर खेसरा नंबर नहीं होगा तो…
• दाखिल-खारिज में देरी हो सकती है.
• जमीन खरीदने-बेचने में परेशानी आ सकती है.
• ऑनलाइन रिकॉर्ड सत्यापन प्रभावित हो सकता है.
• अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं.
जमाबंदी सुधार का काम भी जारी
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार जमाबंदी और लगान सुधार के मामले में भी कल्याणपुर अंचल सबसे आगे है, जहां 1,47,374 रिकॉर्ड पर काम किया जा रहा है. इसके बाद समस्तीपुर अंचल में 1,35,098 और उजियारपुर में 1,30,069 जमाबंदियों के रिकॉर्ड अपडेट किए जा रहे हैं.
“अब लोगों को क्या करना चाहिए?”
जिन लोगों को अपनी जमाबंदी में किसी तरह की त्रुटि की आशंका है, वे संबंधित अंचल कार्यालय या ऑनलाइन भूमि पोर्टल पर रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं. यदि खेसरा नंबर दर्ज नहीं है या कोई अन्य गलती है, तो नियमानुसार सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है.
FAQ
Q. खेसरा नंबर क्या होता है?
उत्तर- जमीन की सरकारी पहचान संख्या.
Q. अगर खेसरा नंबर नहीं है तो क्या होगा?
उत्तर- दाखिल-खारिज, खरीद-बिक्री और रिकॉर्ड सत्यापन में दिक्कत आ सकती है.
Q. सबसे ज्यादा मामले कहां हैं?
उत्तर- कल्याणपुर अंचल में.
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