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Samastipur News:प्रत्येक माह कम से कम 25 विद्यालयों के निरीक्षण का आदेश

Updated at : 23 Jul 2025 6:32 PM (IST)
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Samastipur News:प्रत्येक माह कम से कम 25 विद्यालयों के निरीक्षण का आदेश

शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश के बाद भी जिले में विद्यालयों के निरीक्षण की स्थिति संतोषजनक नहीं है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : शिक्षा विभाग के सख्त निर्देश के बाद भी जिले में विद्यालयों के निरीक्षण की स्थिति संतोषजनक नहीं है. निदेशक प्रशासन ने डीईओ को पत्र भेज कर प्रत्येक माह कम से कम 25 विद्यालयों के निरीक्षण का आदेश दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि इसकी समीक्षा साप्ताहिक बैठकों में भी की जायेगी. यह निरीक्षण स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और किसी भी समस्या की पहचान करने और उसका समाधान करने के लिए किया जायेगा. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेज कर जिले के सरकारी विद्यालयों का विभिन्न बिंदुओं पर निरीक्षण कराने का सख्त निर्देश दिया गया है. विद्यालयों का नियमित निरीक्षण का मूल उद्देश्य यह है कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय का संचालन निर्धारित मानक के अनुरूप हो. यदि विद्यालय संचालन में किसी प्रकार की कमी अथवा कठिनाई है, तो अनुश्रवण के माध्यम से उसे ठीक कराया जा सके, ताकि अध्ययनरत बच्चों के लिए विद्यालय में उचित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराया जा सके. इसलिए विद्यालय अनुश्रवण व्यवस्था को और प्रभावी एवं सशक्त बनाकर शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके. निरीक्षण के दौरान स्कूलों में शिक्षकों एवं बच्चों की उपस्थिति, आधारभूत संरचना के साथ -साथ अन्य गतिविधियों, वर्ग कक्ष संचालन आदि का भी सघन अनुश्रवण किया जायेगा. इससे सरकारी विद्यालयों के प्रति अभिभावक एवं बच्चों में आकर्षण भी बढ़ेगा. निरीक्षण प्रतिवेदन विभाग द्वारा विकसित ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करेंगे.निरीक्षण के दौरान आधारभूत संरचना, शिक्षक एवं बच्चों की संख्या के अनुरूप वर्ग कक्ष की उपलब्धता, विद्यालय भवन के रंग-रोगन आदि का भी अवलोकन किया जायेगा. विद्यालय में निर्माणाधीन असैनिक कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता, विद्यालय में किचेन शेड, गैस चूल्हा एवं थाली इत्यादि की उपलब्धता, छात्र एवं छात्राओं के लिए,पानी की उपलब्धता, अलग-अलग शौचालय की उपलब्धता, शौचालय की साफ -सफाई एवं क्रियाशीलता को भी देखा जायेगा. विद्यालय निरीक्षण के दौरान निरीक्षी अधिकारी के द्वारा विद्यालय में पेयजल की सुविधा. यदि विद्यालय में बोरिंग कराया गया है तो यह कार्य कर रहा है या नहीं. वर्ग कक्ष में आवश्यक उपस्कर की उपलब्धता एवं निर्धारित मापदंड के अनुसार उसकी गुणवत्ता, माध्यमिक,उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला की उपलब्धता एवं उपयोगिता के साथ-साथ यह भी देखा जायेगा कि प्रयोगशाला का बच्चों द्वारा नियमित उपयोग किया जा रहा है या नहीं. इसी प्रकार विद्यालयों में पुस्तकालय की उपलब्धता एवं उपयोगिता के साथ यह भी देखा जायेगा की पुस्तकालय का बच्चों द्वारा नियमित उपयोग किया जा रहा है या नहीं. मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब की उपलब्धता एवं उपयोगिता आदि का भी निरीक्षण किया जायेगा. विद्यालय परिसर में चाहरदीवारी की उपलब्धता, विद्यालय में बिजली कनेक्सन एवं मीटर की उपलब्धता,वर्ग कक्ष में पंखा, ट्यूब लाइट एवं बल्ब की पर्याप्त उपलब्धता के साथ साथ यह भी देखा जायेगा कि वर्ग कक्ष संचालन के समय विद्युत उपकरण का उपयोग किया जा रहा है या नहीं. इसी प्रकार खेल मैदान की उपलब्धता एवं उपयोगिता, खेल सामग्री की उपलब्धता एवं बच्चों द्वारा उसके उपयोग की स्थिति के साथ साथ यह भी देखा जायेगा की खेल सामग्री कॉर्टन, बक्सा एवं आलमीरा में बंद तो नहीं है. विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं सौदर्याकरण की स्थिति, कक्षावार विद्यार्थियों का नामांकन एवं वास्तविक उपस्थिति के साथ-साथ विद्यालयों में संचालित विभिन्न लाभुक योजनाओं की स्थिति की भी जानकारी ली जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Ankur kumar

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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