10.3 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

Agricultural University Pusa: आजीविका का साधन बना मशरूम : डा चंद्रा

मशरूम के मूल्यवर्धित उत्पादों द्वारा अनुसूचित जातियों का उद्यमिता विकास विषय पर एफपीओ मॉडल पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ.

पूसा : डा राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय स्थित संचार केंद्र के पंचतंत्र सभागार में मशरूम के मूल्यवर्धित उत्पादों द्वारा अनुसूचित जातियों का उद्यमिता विकास विषय पर एफपीओ मॉडल पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ. अध्यक्षता करते हुए आधार विज्ञान एवं मानविकी संकाय के डीन डा अमरेश चंद्रा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की दौर में मशरूम उत्पादन आजीविका साधन बन गया है. बिहार के मशरूम उत्पादन में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. देश भर में बिहार प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है. देश भर में एक लाख 35 हजार टन मशरूम उत्पादन हो रहा है. जबकि अकेले बिहार में 40 हजार टन मशरूम उत्पादित हो रहा है. मशरूम का बेहतर प्रसंस्करण हो तो विदेशों की बाजार में टक्कर दिया जा सकता है. प्रसार शिक्षा निदेशक डा मयंक राय ने कहा कि मशरूम देश भर के लोगों के बीच पसंदीदा व्यंजन के रूप में परोसा जा रहा है. हालांकि मांग के अनुसार मशरूम उत्पादन ही नहीं हो रहा है. मशरूम के बीज निर्माण में भी रोजगार का अवसर है. वैज्ञानिक मुकेश कुमार ने कहा कि औषधीय गुणों से भरपूर मशरूम अब भारत ही नहीं विश्व स्तर के बाजारों में बिकने के लिए तैयार है. प्रशिक्षण के दौरान स्वागत भाषण मशरूम विशेषज्ञ डा दयाराम ने किया. संचालन मशरूम वैज्ञानिक सुधानंदनी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डा आरपी प्रसाद ने किया. मौके पर टेक्निकल टीम के सुरेश कुमार, सुभाष कुमार आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel