छात्रों को प्रेरित कर सीखने के लिए प्रोत्साहित करें : डीएम

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 20 Nov 2024 11:23 PM

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शहर के तिरहुत एकेडमी के सभागार में बुधवार को सक्षमता परीक्षा पास करीब दो सौ नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के रूप में औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया गया.

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समस्तीपुर : शहर के तिरहुत एकेडमी के सभागार में बुधवार को सक्षमता परीक्षा पास करीब दो सौ नियोजित शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के रूप में औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया गया. इन्हें विशिष्ट शिक्षक का नाम दिया गया है. उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए डीएम रोशन कुशवाहा ने कहा कि शिक्षक को अपने छात्रों को प्रेरित करना चाहिए और उन्हें सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. शिक्षक को छात्रों की भावनाओं को समझना चाहिए और उन्हें उचित मार्गदर्शन देना चाहिए. जिप अध्यक्ष खुशबू कुमारी ने कहा कि शिक्षकों के पास कई जिम्मेदारियां होती हैं, जो कक्षा से परे होती हैं, शैक्षिक अनुभव को आकार देने और अपने विद्यार्थियों के विकास को बढ़ावा देना शामिल है. मेयर अनिता राम ने कहा कि शिक्षकों को शैक्षिक रुझानों के साथ बने रहने के लिए लगातार नई सामग्री पर शोध और उसे विकसित करना चाहिए. एमएलसी तरुण कुमार, विधायक अजय कुमार, अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि शिक्षकों द्वारा रखी गई नींव एक पीढ़ी के भविष्य को आकार देती है और व्यापक समुदाय की प्रगति और समृद्धि में योगदान देती है. उनका प्रभाव कक्षा से परे, पूरे समाज में गूंजता है. वे कल के नेताओं, विचारकों और योगदानकर्ताओं को सशक्त बनाते हैं. एडीएम अजय कुमार तिवारी ने कहा कि शिक्षक छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करते हैं क्योंकि वे अपने सीखने के वर्षों के दौरान छात्रों के लिए सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक होते हैं. यदि कक्षा में नेतृत्व की भूमिका दी जाये, तो छात्रों का आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ेगा. डीईओ कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने कहा कि शिक्षक बनना सिर्फ एक नौकरी नहीं है, यह एक आह्वान है. आप हर बच्चे के जीवन पर एक स्थायी छाप छोड़ते हुए प्रोत्साहित करेंगे, नेतृत्व करेंगे, पढ़ायेंगे और मार्गदर्शन करेंगे. मौके पर डीपीओ स्थापना कुमार सत्यम, डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय, डीपीओ एमडीएम सुमित कुमार सौरभ, प्रीतम कुमार आदि मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन एचएम सौरभ कुमार ने किया. वहीं मोडेल इंटर स्कूल परिसर में बीआरसी द्वारा औपबंधिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में समस्तीपुर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में कार्यरत व सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण चार सौ से अधिक शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया गया.

निगरानी के गिरफ्त में आये 105 शिक्षकों को नहीं मिले नियुक्त पत्र

शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों का बुधवार को इंतजार खत्म हुआ. वहीं, फर्जी शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल नियोजित शिक्षकों पर पैनी नजर जिला शिक्षा विभाग की थी. वहीं, निगरानी विभाग के द्वारा जांच के बाद जिन 105 शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है उसकी सूची भी शिक्षा विभाग ने जिला को मुहैया कराते हुए औपबंधिक नियुक्ति पत्र नहीं देने का आदेश जारी किया है. शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन सह अपर सचिव को डीईओ को पत्र जारी किया है. अपने पत्राचार में कहा है कि बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली, 2023 के आलोक में औपबंधिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में एफआईआर में नामित (शामिल) शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित नहीं किया जाना है. वर्ष 2006-2015 के बीच नियुक्त त्रिस्तरीय पंचायत / नगर निकाय के द्वारा फर्जी प्रमाण-पत्र के आधार पर नियुक्त किये गये शिक्षक / संस्थान / नियोजन इकाई व्यक्तियों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अबतक समस्तीपुर के 105 सहित कुल 2690 एफआईआर दर्ज किया गया है. एफआईआर में नामित (शामिल) शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई किया जाना अपेक्षित है. विदित हो कि जिले में कितने फर्जी शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं? इसकी अपडेट जानकारी शिक्षा विभाग के पास नहीं है. जिला नियोजित शिक्षकों की बहाली में जो फर्जीवाड़ा हुआ है, वो गुत्थी अभी तक निगरानी विभाग नहीं सुलझा सका. 11,454 नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच होनी है. अब तक करीब 3545 शिक्षकों का फोल्डर नहीं मिल पाया है. ऐसे में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई करने में निगरानी विभाग के पसीने छूट रहे हैं.

लंबे अरसे बाद चयनित शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, खिल उठे चेहरे

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सम्मिलित होने के लिए शिक्षक अपनी अपनी टोली बना करीब दो घंटे पहले ही तिरहुत एकेडमी पहुंचना शुरू कर दिए थे. सभागार में उपस्थित शिक्षकों के बीच सिर्फ स्थानांतरण होने की चर्चा हो रही थी. आपस में सभी शिक्षक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देश को कोसते नजर आये. इधर, पटना में आयोजित कार्यक्रम शुरू होने के बाद ज्यों ही मुख्यमंत्री ने घोषणा कि शिक्षक उन्हीं स्कूलों में रहेंगे, जहां नियोजित शिक्षक के रूप में उनकी तैनाती हुई थी. स्थानांतरण का निर्णय बाद में होगा. यह सुनते ही उपस्थित शिक्षकों ने तालियां बजा हर्ष व्यक्त किया. शिक्षक व शिक्षिकाओं के हाथों में शिक्षक नियुक्ति पत्र मिला, तो इनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. चेहरे पर मुस्कान छा गयी. वर्षों पुराने इनके सपने, जो साकार हुए थे. मध्य विद्यालय कर्पूरीग्राम की शिक्षिका सोनी कुमारी ने बताया कि खुद पढ़ने के बाद अब बच्चों को पढ़ाना काफी अच्छा व सुखद लग रहा है. सचमुच में यह अविस्मरणीय पल है, जो सदा सदा के लिए यादगार रहेगा. नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया के दौरान कई प्रकार के अनुभव से गुजरने पड़े, लेकिन उनमें से सबसे अच्छा अनुभव इतने लोगों के बीच नियुक्ति पत्र पाना है. उच्च माध्यमिक विद्यालय गंगापुर के शिक्षक नदीम खान ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र पाकर ऐसा लग रहा, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. इंतजार का परिणाम मिला है. शिक्षक तो मैं पहले भी था लेकिन सक्षमता परीक्षा से चुने जाने के बाद आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी हुई है.

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