सरकारी स्कूलों के तर्ज पर निजी विद्यालयों की होगी जांच

जिले में सरकारी स्कूलों की तरह अब निजी स्कूलों की भी नियमित जांच होगी. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सरकारी स्कूलों की तरह सभी प्राइवेट स्कूलों की नियमित जांच करने का आदेश अधिकारियों को दिया है.
समस्तीपुर : जिले में सरकारी स्कूलों की तरह अब निजी स्कूलों की भी नियमित जांच होगी. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सरकारी स्कूलों की तरह सभी प्राइवेट स्कूलों की नियमित जांच करने का आदेश अधिकारियों को दिया है. निदेशक प्राथमिक शिक्षा ने निरीक्षण प्रतिवेदन जारी कर बिन्दुवार निर्देश दिये हैं. डीईओ ने विभागीय आदेश का हवाला देते हुए बताया कि कुल 22 बिंदुओं के आधार पर जिले भर के सभी निजी विद्यालयों की जांच रोजाना की जायेगी. इसको लेकर एक प्रारूप भी जारी किया गया है. इसमें आरटीई सहित अन्य बिंदु शामिल हैं. मालूम हो कि शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत हर साल निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षा में 25 फीसदी बच्चों का निःशुल्क नामांकन होना अनिवार्य है. विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या से लेकर उनकी उपस्थिति तक की जांच पदाधिकारियों की ओर से की जायेगी. सरकारी विद्यालयों में जहां दिनभर में दो बार जांच होती है. वहीं, निजी विद्यालयों में दिन भर में एक बार जांच होगी. इसके साथ ही विद्यालय का रजिस्ट्रेशन से लेकर शौचालय तक की जांच होगी. इसके अलावा भूमि और विद्यालय प्रबंधन की भी जांच की जायेगी. इसके साथ ही विद्यालय में कक्षाओं की उपलब्धता, बाउंड्री, खेल की सुविधा और मैदान की उपलब्धता, शिक्षक-शिक्षिका की योग्यता और उनकी संख्या का आकलन भी किया जायेगा. इसके अलावा विद्यालयों में शौचालय की सुविधा, पानी की सुविधा आदि सुविधाओं की जांच की जायेगी. जानकारी के अनुसार जिले में संचालित होने वाले निजी विद्यालयों की संख्या करीब 700 बतायी जा रही है. वहीं, शिक्षा विभाग से प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालयों की संख्या 592 है. जिले में जिन निजी स्कूलों ने ई-संबंधन पोर्टल पर पंजीयन नहीं कराया या फिर यू-डायस कोड जेनरेट नहीं कराया है, वैसे स्कूल प्रबंधकों पर कार्रवाई होगी. निजी स्कूलों में निरीक्षण के दौरान किन-किन मानकों की जांच करनी है, इसका भी फार्मेट जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से तैयार कर लिया गया है. फार्मेट में कुल 15 कॉलम हैं, जिसे भर कर रिपोर्ट प्रतिदिन निरीक्षण कर्मियों को सौंपनी होगी. फार्मेट में स्कूल में आरटीई के तहत नामांकन लेने वाले बच्चों की डिटेल, यू-डायस कोड, ई-संबंधन पोर्टल पर दर्ज पंजीयन नंबर कुल शिक्षक और उसकी योग्यता और कर्मियों की संख्या, वाहनों का पंजीयन, वाहन मानक आदि की जांच होगी. निजी स्कूलों में पढ़ने आने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप, रेलिंग और व्हीलचेयर की व्यवस्था स्कूल में है या नहीं, इस पर भी निरीक्षण कर्मियों की अब पैनी नजर रहेगी. इसके साथ ही बस या वैन में विद्यार्थियों के सुरक्षा मानकों की भी जांच निरीक्षण कर्मी करेंगे. बस में फर्स्ट एड बॉक्स, बस की खिड़की में रॉड लगे हैं या नहीं, इसके लिए फार्मेट में ट्रांस्पोर्टेशन का अलग से कालम दिया गया है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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