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Samastipur News:एमडीएम में अनियमितता को लेकर एचएम पर 37,526 का आर्थिक दंड

Updated at : 08 Aug 2025 6:20 PM (IST)
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Samastipur News:एमडीएम में अनियमितता को लेकर एचएम पर 37,526 का आर्थिक दंड

प्राथमिक विद्यालय सरायरंजन के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार राम पर मिड-डे मील योजना में अनियमितता के आरोप में 37,526 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है.

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Samastipur News: समस्तीपुर : जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सरायरंजन के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार राम पर मिड-डे मील योजना में अनियमितता के आरोप में 37,526 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है. प्रखंड साधन सेवी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील योजना में कई अनियमितताएं पायी गयी. इसके बाद, प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया. लेकिन जवाब असंतोषजनक और साक्ष्य-आधारित नहीं पाया गया. निरीक्षण तिथि को विद्यालय में छात्रों की भौतिक उपस्थिति 54 थी. जबकि प्रधानाध्यापक द्वारा पिछले 6 दिनों से ई-शिक्षा कोष पर दिये जवाब के अनुसार औसत लाभार्थी छात्रों की संख्या 111 पायी गई. इस विसंगति को देखते हुए विभागीय दिशा-निर्देश के आलोक में यह कार्रवाई की गई है. प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि वे एक महीने के भीतर यह राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति समस्तीपुर के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करें. निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं करने पर वेतन या मानदेय से राशि की वसूली की कार्रवाई शुरू की जायेगी. मिड डे मिल के रुपयों की वसूली को लेकर शिक्षा विभाग सख्त है. निरीक्षण के क्रम में स्कूलों में पायी गयीं गड़बड़ियों को आधार बना कर विभाग प्रधानाध्यापकों द्वारा कम बच्चों की उपस्थिति के बावजूद ज्यादा बच्चों की उपस्थिति दिखा कर लिये गये रुपये वसूल करने के लिए हेडमास्टरों को चिह्नित कर रहा है. डीपीओ एमडीएम सुमित कुमार सौरभ ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम पोषण में भोजन चखने के बाद उसकी गुणवत्ता व स्वाद के बारे में रजिस्टर पंजी में अंकित करना है. योजना की गुणवत्ता को लेकर सरकार काफी गंभीर है. मध्याह्न भोजन योजना में मिल रही शिकायतों को दूर करने के लिए कई निर्णय लिये गये हैं. जिसके अनुसार भोजन की गुणवत्ता के बारे में प्रधानाध्यापकों को रजिस्टर में अंकित करना होगा. इसके अलावा बच्चों को मिड डे मील परोसने से पहले उसे प्रधानाध्यापक और रसोईया चखेंगे. भोजन चखने के बाद उसकी गुणवत्ता व स्वाद के बारे में रजिस्टर पंजी में अंकित करना है. भोजन चखने के आधे घंटे के बाद उसे बच्चों के बीच परोसा जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Ankur kumar

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By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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