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Samastipur News:कक्षा एक के बच्चे अक्षरों को उनकी ध्वनि के साथ करेंगे मिलान

Updated at : 10 Oct 2025 6:14 PM (IST)
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Samastipur News:कक्षा एक के बच्चे अक्षरों को उनकी ध्वनि के साथ करेंगे मिलान

प्रारंभिक स्कूलों में हर तीन माह पर भाषा, गणित और विज्ञान मेला लगेगा. इसमें जिले के प्रारंभिक विद्यालयों के बच्चे शामिल होंगे.

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Samastipur News:समस्तीपुर : प्रारंभिक स्कूलों में हर तीन माह पर भाषा, गणित और विज्ञान मेला लगेगा. इसमें जिले के प्रारंभिक विद्यालयों के बच्चे शामिल होंगे. यहां बच्चों को रोचक तरीके से भाषा, गणित और विज्ञान की नई-नई जानकारी मिलेगी. भाषा, विज्ञान और गणित में बच्चे यहां अपनी प्रतिभा भी दिखा सकेंगे. बच्चों को प्रोत्साहन भी दिया जायेगा. इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला ने डीईओ और डीपीओ (ईई व एसएसए) को पत्र भेजा है. पत्र के मुताबिक, यह त्रैमासिक मेला महीने के दूसरे सप्ताह में लगेगा. निपुण 3.0 के तहत यह आयोजन होगा. हिंदी भाषा में कक्षा एक के बच्चे अक्षरों को उनके ध्वनि के साथ मिलान करेंगे. 2-3 अक्षरों से बने सरल शब्दों को पढ़ना और लिखना. 4-5 शब्दों वाले वाक्य को पढ़ना और इससे संबंधित चर्चा करेंगे. कक्षा दो के बच्चे 3-4 अक्षर वाले मात्रा युक्त शब्द पढ़ेंगे और लिखेंगे. एक मिनट में 35 से 54 शब्द पढ़ना और इससे संबंधित सवाल का उत्तर देना और दो से तीन शब्दों वाले सरल वाक्य लिखना. कक्षा 3 के बच्चों को एक मिनट में 60 शब्द पढ़ना और इससे संबंधित चार-पांच सवालों का जवाब देना होगा. गणित मेले में कक्षा एक के बच्चे 99 तक की संख्या लिखेंगे और पढ़ेंगे. 1 से 20 तक की संख्या में बड़ा और छोटा की पहचान करेंगे. एक अंक की संख्या का सरल जोड़ और घटाव करेंगे. कक्षा दो के बच्चे 999 तक संख्या पढ़ेंगे और लिखेंगे. 99 तक की संख्याओं का जोड़ और घटाव करेंगे. एक अंक की संख्या का सरल गुणा करना. कक्षा 3 के बच्चों के लिए 9999 तक संख्याएं पढ़ना और लिखना. 999 तक संख्याओं का जोड़ और घटाव. सरल गुणा और भाग करना शामिल हैं. 6 से 8 तक के बच्चों के लिए गणित और विज्ञान मेला होगा. बच्चों को विज्ञान और गणित का मॉडल (प्रदर्श) बनाने में यह ध्यान रखेंगे कि विज्ञान प्रदर्श समाज के लिए उपयोगी हो. दैनिक जीवन में इसका उपयोग किये जाने वाले साधन, उपकरणों और यंत्रों से उन्नत और नवाचारी हो. डीपीओ एसएसए मो. जमालुद्दीन ने बताया कि जिला के सरकारी स्कूलों मे पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में भाषा और गणित की क्षमता बढ़ाई जायेगी. स्कूल में समग्र शिक्षा सीखने का एक व्यापक और बहु-विषयक दृष्टिकोण है जो बच्चों की सभी विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करता है. बौद्धिक, शैक्षणिक, सामाजिक, भावनात्मक, रचनात्मक, शारीरिक, नैतिक और आध्यात्मिक. इसका उद्देश्य बच्चों की जन्मजात क्षमताओं का पोषण करना और उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ रूप बनने में मदद करना है. ताकि वे एक सर्वांगीण, सामाजिक रूप से जिम्मेदार, नैतिक रूप से गुणी, आर्थिक रूप से उत्पादक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत व्यक्ति बन सकें. यह पारंपरिक स्कूली शिक्षा और वैकल्पिक शिक्षा के बीच की खाई को पाटने का प्रयास करता है और बच्चों को दोनों ही क्षेत्रों का सर्वश्रेष्ठ प्रदान करने का प्रयास करता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Ankur kumar

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By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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