Samastipur News:तिथि भोजन का स्वाद चखाने वालों का बच्चे कर रहे इंतजार

Author Prem kumar
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Samastipur News:तिथि भोजन का स्वाद चखाने वालों का बच्चे कर रहे इंतजार

जिले के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में तिथि भोजन का आयोजन करने का प्रावधान सरकार ने किया है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : जिले के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में तिथि भोजन का आयोजन करने का प्रावधान सरकार ने किया है. लेकिन विगत कई माह बीत जाने के बाद भी तिथि भोजन का आयोजन न होना बच्चों को स्वादिष्ट भोजन मिलने के मंसूबे पर पानी फेर रहा है. विगत वर्ष तिथि भोजन का आयोजन कर यह जिला राज्य स्तर पर सुर्खियों में रहा था. वही समाज के प्रतिष्ठित लोग तिथि भोज कराने से हिचक भी रहे है. गांवों की सामूहिक भोजन की परंपरा को पुनर्जीवित करने और इस बहाने स्कूली बच्चों में भी सामूहिकता की भावना जगाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शुरू की गई तिथि भोजन योजना का जिले में बुरा हाल हुआ है. यह स्थिति तब है जब हर स्कूल को तिथि भोजन की चर्चा विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक में करनी है. सौ दिनों के दैनिक कार्यक्रम के तहत कम से कम एक दिन तिथि भोजन प्रत्येक स्कूल में किया जाना है. साथ ही इसकी जानकारी डीईओ को देनी है. वहीं डीईओ इसकी जानकारी निदेशालय के पास भेजेंगे. इसमें संबंधित जिला का नाम, विद्यालयों की कुल संख्या, तिथि भोजन दिवस करने वाले स्कूल का नाम, कुल नामांकन और लाभान्वित बच्चों की संख्या शामिल है. प्रारंभिक विद्यालयों में तिथि भोजन में मुखिया या दूसरे जनप्रतिनिधि या सामाजिक संगठन खास दिन स्कूलों में विशेष खाना का आयोजन करेंगे. पास स्कूल का चयन कर सकते हैं.

सामुदायिक विकास व समानता का विकास होगा संभव

उमवि लगुनियां सूर्यकण्ठ के एचएम सौरभ कुमार बताते है कि देश के 11 राज्यों में तिथि भोजन को स्नेह भोजन, अन्ना दानम, संप्रीति भोजन, बेटी के जन्म दिन सहित अन्य नाम दिया गया है. मध्याह्न भोजन अंतर्गत विद्यालय के बच्चों की थाली में परोसे जा रहे भोजन का नाम तिथि भोजन दिया गया है. तिथि भोजन के दौरान बच्चों को पूरक रूप से भोजन परोसा जाना है. पर्व-त्योहार, जन्मोत्सव और अन्य प्रकार के खुशी के मौके पर बच्चों की थाली में इस प्रकार का भोजन परोसा जाए, जिससे बच्चों को प्रचूर पौष्टिकता मिले. अनाज, दलहन और सब्जियों का मिश्रण पूर्ण रूप से आहार में शामिल किया जायेगा. इसके अतिरिक्त फल, दूध, मिठाइयां, अंडा, बिस्किट, हलवा सहित अंकुरित अनाज भी शामिल किये जाने की बातें कही गई है. मध्याह्न भोजन के अंतर्गत सौ दिन में एक बार विशेष भोजन करेंगे. लेकिन इसे दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाए कि लोग होटल में जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि मना रहे है लेकिन बच्चों के बीच जाकर उल्लास पूर्ण तरीके से नहीं मनाना चाह रहे हैं.

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