नामांकन घोटाले का चल रहा खेल!
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :07 Jul 2015 9:04 AM
विज्ञापन

समस्तीपुर : पोशाक, छात्रवृत्ति एवं साइकिल योजना की शुरुआत के बाद जिले के विद्यालयों में छात्रों के फर्जी दाखिले की होड़ मची है़ आलम यह है कि कुछ एक विद्यालय द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भेजी गयी रिपोर्ट में छात्रों के नामांकन में दोगुनी बढ़ोत्तरी दर्ज करायी गयी है़ मामले की गंभीरता को देखते […]
विज्ञापन
समस्तीपुर : पोशाक, छात्रवृत्ति एवं साइकिल योजना की शुरुआत के बाद जिले के विद्यालयों में छात्रों के फर्जी दाखिले की होड़ मची है़ आलम यह है कि कुछ एक विद्यालय द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भेजी गयी रिपोर्ट में छात्रों के नामांकन में दोगुनी बढ़ोत्तरी दर्ज करायी गयी है़
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) ने आधा दर्जन से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) गाइड फाइल, नामांकन रजिस्टर, कैश बुक एवं छात्रोपस्थिति रजिस्टर की मांग की है़ जांच के बाद बड़े पैमाने पर नामांकन घोटाले का पर्दाफाश संभव है़
इस बावत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) आरके मिश्र ने बताया कि जुलाई में साइकिल, पोशाक एवं छात्रवृत्ति के लिए आधा दर्जन से अधिक विद्यालय द्वारा भेजे गये छात्रों की संख्या में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है़ ऐसे में शक के आधार पर उन सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से एक सप्ताह पहले अन्य कागजातों की मांग की गयी थी लेकिन अब तक कुछ एक विद्यालय को छोड़कर अन्य किसी ने आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराये हैं उन्होंने कहा कि मंगलवार को एक बार फिर उन सभी स्कूलों को रिमाइंडर भेजा जायेगा़
फर्जी नामांकन पाये जाने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों के विरुद्घ थाने में एफआइआर दर्ज करायी जायेगी़ साथ ही विरुद्घ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी चलायी जायेगी़ आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जिले के कुछ स्कूलों को छोड़कर खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विगत कई वर्षो से फर्जी नामांकन का सिलसिला शुरू है़ इसमें कार्यालय के लिपिकों की सहभागिता भी है़ इस कारण किसी पर कार्रवाई नहीं होने दिया जाता है़
सूत्रों की मानें तो प्रति वर्ष जिले के विद्यालयों में वितरित की जाने वाली राशि का 15 प्रतिशत हिस्सा बंदरबांट किया जा रहा है़ प्रधानाध्यापकों की अवैध कमाई का जरिया बना है स्कूल जिले के सभी विद्यालयों में छात्रों से नामांकन के नाम पर भी मोटी रकम ली जाती है़ साथ ही माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा में रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन फर्म भराने के लिए भी मोटी रकम ली जाती है़
अगर इस मामले की विजिलेंस जांच करायी गयी तो 50 फीसदी से अधिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर गाज गिरेगी लेकिन सभी जगह मैनेज का खेल जारी है़ इस कारण जांच नहीं किया जाता है़
उधर, शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को अपने-अपने जिलों में कर्णाकित स्थानांतरण प्रमाण पत्र बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम से प्राप्त कर प्रारंभिक विद्यालयों को मुहैया कराने का निर्देश दिया है़
स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के अभाव में अवैध स्थानांतरण प्रमाण पत्रों के आधार पर विद्यालयों में दाखिले के मामले प्रकाश में आने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी को जिम्मेदार मानते हुए कठोर कार्रवाई की बात भी कही है़ अवैध स्थानांतरण प्रमाण-पत्रों के आधार विद्यालयों में नामांकन की जानकारी मिलने पर बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक निगम से विशेष चिह्न्ति स्थानांतरण प्रमाण पत्र का मुद्रण कराने का निर्णय लिया गया था़
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










