डेंजर जोन में तब्दील हुए जेसीबी से खुदे गढ्ढे

अब तक जा चुकी है 16 लोगों की जानमोरवा, प्रतिनिधि : अपना काम निकल जाये तो लोगों को दूसरों की फिक्र नहीं होती. प्रखंड क्षेत्र में घूम घूम कर जेसीबी मशीन कुछ ऐसे ही मौत का कुआं खोदकर लोगों के लिए जानलेवा बना रहे हैं. आज मिट्टी काटने का सबसे सरल उपाय जेसीबी मशीन है. […]
अब तक जा चुकी है 16 लोगों की जानमोरवा, प्रतिनिधि : अपना काम निकल जाये तो लोगों को दूसरों की फिक्र नहीं होती. प्रखंड क्षेत्र में घूम घूम कर जेसीबी मशीन कुछ ऐसे ही मौत का कुआं खोदकर लोगों के लिए जानलेवा बना रहे हैं. आज मिट्टी काटने का सबसे सरल उपाय जेसीबी मशीन है. इससे जितनी गहराई तक मिट्टी काटना हो आसानी से काट सकते हैं. यही गढ्ढे अब जानलेवा साबित होने लगे हैं. प्रखंड के मरीचा, लरूआ, अमृतपुर धर्मपुर बांदे, विक्रमपुर आदि गांव में 16 लोगों की जान इसी जानलेवा गढ्ढे में डूबने से हो चुकी है. सड़क के किनारे हो अथवा पोखरे और चौर में सब जगह इसमें बरसात के मौसम लबालब पानी भरा होता है. लोगों के इसकी गहराई का अंदाजा नहीं होता है. बच्चे खेलने के क्रम में तो बुजुर्ग मवेशी धोने के क्रम में इसमें डूब जा रहे हैं. यदाकदा ऐसी घटना तो घटती ही रहती है, लेकिन प्रशासन को इसकी कोई फिक्र ही दिखाई नहीं दे रही है. घटनाएं रोज हो रही है फिर भी मिट्टी की कटाई बेतरतीब तरीके से हो रही है. लोगों का कहना है कि यह धंधा तो चलता रहेगा और मौत का कुआं रोज खुदते रहेंगे, लेकिन इस बारे में लोगों को जानकारी हो जाये तो दुर्घटना होने से रोका जा सकता है. इसके लिए बोर्ड और बैरिकेटिंग का उपयोग किया जा सकता है. सड़क के किनारे खुदे गढ्ढे में कई वाहन भी अब तक गिर चुके हैं.
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