Samstipur : जिला से विजिलेंस को 3545 नियोजित शिक्षकों के नहीं मिल रहे फोल्डर

शिक्षकों की निगरानी जांच में नियोजन इकाई मदद नहीं कर रही है, क्योंकि नियोजन इकाई की भी गर्दन फंसेगी.
समस्तीपुर. शिक्षकों की निगरानी जांच में नियोजन इकाई मदद नहीं कर रही है, क्योंकि नियोजन इकाई की भी गर्दन फंसेगी. 3545 शिक्षकों के फोल्डर अब तक निगरानी को नहीं सौंपे गये हैं. जिले का शिक्षा विभाग अपनी लेटलतीफी कार्यशैली की वजह से लगातार सुर्खियों में बने रहता है. आलम यह है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी की टीम 2015 से ही यहां कैंप कर रही है. वह बार-बार डीपीओ स्थापना से शिक्षकों का शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के फोल्डर की मांग कर रही है. इन 10 सालाें में कई डीईओ व डीपीओ स्थापना आये और चले गये. लेकिन शत-प्रतिशत फोल्डर अब तक निगरानी को नहीं सौंपा जा सका है. निगरानी विभाग ने बताया कि फोल्डर उपलब्ध करवाने के लिए डीपीओ स्थापना को अब तक दर्जनों बार पत्र लिखा गया है लेकिन अब तक शत-प्रतिशत फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया गया है. फोल्डर में प्रारंभिक शिक्षकों का शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र रहता है. मेधा सूची, महाविद्यालय का नाम, किस बोर्ड से परीक्षा पास की आदि का प्रमाण पत्र रहता है. ऐसे में फोल्डर में कोई भी प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं रहने पर फोल्डर को पूर्ण नहीं माना जाता है. निगरानी विभाग ने बताया कि अब तक निगरानी की ओर से 105 फर्जी शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. हालांकि कितनों की सेवा समाप्त हुई या राशि की रिकवरी हुई है, यह जानकारी शिक्षा विभाग ने उपलब्ध नहीं करवाया है. वहीं, आम लोगों ने डीएम से भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सख्त आदेश देने की मांग की है. चहीं, जब 3545 शिक्षकों के फोल्डर की जांच की जाएगी तो और भी फर्जी शिक्षक और शिक्षिकाओं के पकड़े जाने की संभावना है. इस मामले में आम लोगों ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के नियोजन से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ेगा.
नियोजन इकाई पर है जिम्मेदारी
जिला स्तर पर फर्जी प्रमाण-पत्र वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त करने व पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट में राशि वसूली की माॅनिटरिंग कार्य के लिए डीपीओ स्थापना नोडल पदाधिकारी होते हैं. हालांकि जबसे निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने प्रमाण-पत्रों व नियोजन से संबंधित फोल्डर लेना शुरू किया है, कई डीपीओ स्थापना का तबादला हो चुका है. प्रमाण-पत्रों की निगरानी से कराई जा रही जांच की प्रगति के संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को ई-मेल से प्रतिवेदन भेजना होता है. डीपीओ स्थापना नियोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेखों को सुरक्षित रखने की कार्यवाही करेंगे ताकि चोरी नहीं हो सके. साथ ही निगरानी अन्वेषण विभाग ने नियोजित प्रारंभिक विद्यालय के जिन शिक्षक-शिक्षिकाओं का शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण-पत्र जांच के लिए बोर्ड व विश्वविद्यालयों को भेज दिया है, अगर वह जांच के दौरान फर्जी पाया गया तो वैसे शिक्षकों व शिक्षिकाओं को सेवा से हटा दिया जायेगा. साथ ही ऐसे फर्जी शिक्षक-शिक्षिकाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. फर्जी प्रमाणपत्र पाये जाने पर पब्लिक डिमांड रिकवरी एक्ट के तहत उनसे अब तक ली गई वेतन की वसूली की जायेगी. सभी नियोजन इकाई इसका अनुपालन करेंगे. 11,454 नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच होनी है. अब तक करीब 3545 शिक्षकों का फोल्डर नहीं मिल पाया है. ऐसे में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई करने में निगरानी विभाग के पसीने छूट रहे हैं.
:::::::::::::::::::::इनसेट:::
प्रखंडवार निगरानी को उपलब्ध कराये गये फोल्डर प्रखंड कुल फोल्डर मिले फोल्डर नहीं मिले फोल्डरसमस्तीपुर 770 636 134
दलसिंहसराय 551 551 000पटोरी 454 57 397मोरवा 461 461 000बिथान 425 250 175ताजपुर 465 160 305वारिसनगर 606 606 000खानपुर 577 543 34हसनपुर 659 537 122शिवाजीनगर 562 425 137विभूतिपुर 819 478 341रोसड़ा 571 240 331सिंघिया 588 541 47मोहिउद्दीननगर 496 399 97कल्याणपुर 912 588 324विद्यापतिनगर 428 390 38उजियारपुर 838 000 838मोहनपुर 225 000 225पूसा 325 325 000सरायरंजन 722 722 000डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




