विधवा, दिव्यांग व सहायिका अभ्यर्थी को मिलेंगे बोनस अंक

Published at :02 Jun 2018 6:04 AM (IST)
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विधवा, दिव्यांग व सहायिका अभ्यर्थी को मिलेंगे बोनस अंक

प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बगैर नहीं होगा वेतन भुगतान दो बार आमसभा स्थगित होने की स्थिति में होगी विशेष आमसभा समस्तीपुर : समाज कल्याण विभाग ने सेविका सहायिका बहाली नियमावली में 25 मई को संशोधन करते हुए अभ्यर्थियों को राहत दी है. जिसमें सबसे बड़ी राहत यह है कि जिस केंद्र पर सेविका की बहाली […]

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प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बगैर नहीं होगा वेतन भुगतान

दो बार आमसभा स्थगित होने की स्थिति में होगी विशेष आमसभा
समस्तीपुर : समाज कल्याण विभाग ने सेविका सहायिका बहाली नियमावली में 25 मई को संशोधन करते हुए अभ्यर्थियों को राहत दी है. जिसमें सबसे बड़ी राहत यह है कि जिस केंद्र पर सेविका की बहाली होनी है अगर उसी केंद्र की सहायिका सेविका के लिए फार्म भर्ती है, तो उसको 10 अंक का बोनस दिया जाएगा. इसके अलावा विधवा और 40 फीसद या उससे अधिक की दिव्यांगता रखने वाली अभ्यर्थी को 5 अंक का बोनस देने का प्रावधान बनाया गया है. पूर्व के नियम में सिर्फ विधवा अभ्यर्थियों को ही 5 अंक का बोनस देने का प्रावधान था. लेकिन दिव्यांग और उसी केंद्र की सहायिका को बहाली में कोई विशेष प्राथमिकता देने का प्रावधान नहीं था.
लेकिन इस संशोधन का लाभ अभी चल रहे सेविका सहायिका बहाली में अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगा. पहले सेविका सहायिका बहाली में अभ्यर्थियों द्वारा अब तक जितने भी दस्तावेज दिए जाते थे, उस पर अभ्यर्थियों का हस्ताक्षर नहीं होता था, लेकिन नए विभागीय प्रावधानों के अनुसार सेविका सहायिका बहाली के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अपने सभी दस्तावेजों की छायाप्रति पर स्व अभिप्रमाणति करते हुए उसे हस्ताक्षिरत करना होगा.
चयन के बाद चयनित अभ्यर्थी के प्रमाण पत्रों का 60 दिनों के भीतर जांच कराए जाने का प्रावधान किया गया है. जिसकी जिम्मेदारी और जवाबदेही बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को दी गई है. साथ ही यदि बगैर जांच कराए सेविका सहायिका का वेतन भुगतान होता है, तो इसके लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को जिम्मेवार ठहराया जाएगा. प्रमाणपत्रों के फर्जी पाए जाने की स्थिति में नये प्रावधान के अनुसार चयनित सेविका सहायिका को चयनमुक्त करने सहित विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई की जिम्मेवारी भी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को ही दी गई है.
औपबंधिक मेधा सूची का होगा प्रकाशन, आमसभा की होगी वीडियोग्राफी
नए प्रवाधन के मुताबिक आवेदन प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से औपबंधिक मेधा सूची का प्रकाशन जिले की वेबसाइट समेत बाल विकास परियोजना कार्यालय के सूचना पट्ट पर प्रकाशित किए जाने का नियम बनाया गया है. पुराने नियमावली के अनुसार आमसभा में ही आनन फानन में महिला पर्यवेक्षिकाओं को मेधा सूची तैयार करना पड़ता था. आमसभा में सिर्फऔपबंधिक मेधा सूची के आलोक में दर्ज आपत्तियों का निराकरण करना होगा. साथ ही बहाली के लिए आयोजित आम सभा की वीडियोग्राफी करने का प्रधान बनाया गया है.
सेविका सहायिका की बहाली के लिए अध्यक्ष (वार्ड सदस्य) और उपाध्यक्ष(पंच) की मौजूदगी के बावजूद यदि आमसभा दो बार नहीं हो पाती है, अथवा अध्यक्ष(वार्ड सदस्य) और उपाध्यक्ष(पंच) का पद रिक्त है, तो ऐसी स्थिति में चयन प्रक्रि या पूरी नहीं होने पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा विशेष आमसभा की तिथि निर्धारित करने का प्रावधान बनाया गया है. जिसकी अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी स्वयं करेंगे या भूमि सुधार उपसमाहर्ता द्वारा की जाएगी.
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी विशेष आम सभा के लिए उपाध्यक्ष एवं महिला पर्यवेक्षिका सदस्य सचिव होंगी.वही सेविका सहायिका बहाली के लिए की गई मै¨पग पंजी के अनुरूप उम्मीदवार को संबंधित वार्ड का निवासी और मतदाता होना अनिवार्य बनाया गया है. आवेदिका के पति या ससुर का नाम संबंधित वार्ड की मतदाता सूची में नहीं होने की स्थिति में अंतिम चुनाव के पूर्ववर्ती पंचायत चुनाव के मतदाता सूची में अंकित होने पर भी दावेदारी की जा सकती है.
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