जिले में गैस सिलिंडर की नहीं है कोई कमी, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध

Published by :Dipankar Shriwastaw
Published at :28 Apr 2026 6:51 PM (IST)
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जिले में गैस सिलिंडर की नहीं है कोई कमी, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध

समाहरणालय स्थित वरीय उपसमाहर्ता के वेश्म में मंगलवार को वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने एलपीजी गैस से संबंधित विस्तृत जानकारी दी.

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सहरसा. समाहरणालय स्थित वरीय उपसमाहर्ता के वेश्म में मंगलवार को वरीय उप समाहर्ता सह प्रभारी जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी अभिषेक सिंह ने एलपीजी गैस से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न गैस वितरण एजेंसियों के प्रदर्शन व आपूर्ति शृंखला की विस्तृत समीक्षा की गयी. समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में कुल लंबित बुकिंग की संख्या में वृद्धि हुई है. जिसे गंभीरता से लेते जिला प्रशासन ने सभी तेल कंपनियों के अधिकारियों व स्थानीय वितरकों को सख्त निर्देश जारी किये गये है. उन्होंने कहा कि जिले में सबसे अधिक इंडेन में 9752 रिफिल बुकिंग लंबित है. अरुणित इंडेन व शहीद रमण इंडेन जैसे बड़े वितरकों के पास बैकलॉग अधिक है. एचपी गैस के यहां 6035 बुकिंग लंबित हैं. जिसमें गौरी शंकर एचपी गैस एजेंसी का बैकलॉग सबसे अधिक पाया गया है. भारत गैस में 4402 लंबित बुकिंग है. उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों में उपभोक्ताओं द्वारा एजेंसी संचालकों पर टालमटोल करने के आरोप लगाये गये हैं. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता की समस्याओं को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में इंडेन के पास 1833, एचपी के पास 2625 व भारत गैस के पास 2008 सिलिंडर का ओपनिंग स्टॉक उपलब्ध है. इसके अतिरिक्त ट्रांजिट में भी भारी मात्रा में लोड प्राप्त हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने जिन वितरकों के पास बैकलॉग दिन पांच से अधिक है, उन्हें अगले तीन दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से आपूर्ति सामान्य करने का निर्देश दिया गया है. आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे स्वयं एजेंसियों का निरीक्षण करें व यह सुनिश्चित करें कि सिलिंडर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर वितरित किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने आईओसीएल एरिया मैनेजर से सीधे वार्ता कर आपूर्ति में आ रही तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर करने को कहा है. जिससे उपभोक्ताओं को एक सप्ताह से अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े. कोई भी एजेंसी संचालक सिलिंडर की कृत्रिम कमी दिखाकर कालाबाजारी या टालमटोल करता पाया गया तो उसके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जिलाधिकारी ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है. वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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