ePaper

नाट्य कला अभिव्यक्ति का सक्षम माध्यम - निर्देशक

Updated at : 16 Jun 2025 6:23 PM (IST)
विज्ञापन
नाट्य कला अभिव्यक्ति का सक्षम माध्यम - निर्देशक

नाट्य कला अभिव्यक्ति का सक्षम माध्यम - निर्देशक

विज्ञापन

शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान का 15 दिवसीय रंग कार्यशाला संपन्न, समापन समारोह में कलाकारों ने दी भव्य प्रस्तुति सहरसा . शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान के तहत नाट्य निर्देशक कुंदन वर्मा के नेतृत्व में आयोजित 15 दिवसीय रंग कार्यशाला का रविवार को समापन समारोह आयोजित किया गया. इससे पूर्व एक जून से 15 जून तक राजकीय प्लस टू विद्यालय के सभागार में युवा-युवतियों ने प्रसिद्ध नाट्य व नृत्य निर्देशक मिथिलेश राय, रितेश परमार, मोहित मोहन, निहारिका कृष्णा अखौड़ी से नाटक की बारीकियों को सीखा. स्थानीय कला भवन में आयोजित रंग कार्यशाला समापन समारोह सह नाट्योत्सव का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करते विधान पार्षद डॉ अजय कुमार सिंह ने संस्थान की सराहना करते कहा कि नाट्य कला को अभिव्यक्ति का सक्षम माध्यम माना जाता है. नाट्यकला के माध्यम से व्यक्ति का परिपूर्ण विकास साध्य किया जा सकता है. जीवन के सुख-दुख की घटनाओं को सृजनशील कलात्मक अभिव्यक्ति का कार्यालाप नाट्यकला से स्पष्ट किया जा सकता है. वहीं संस्थान सचिव वंदन वर्मा ने मंच संचालन के दौरान कला भवन की जर्जर हालात की ओर विधान पार्षद अजय सिंह का ध्यानाकृष्ट कराया तो विधान पार्षद ने इस दिशा में ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता समकालीन कवि डॉ अरविंद श्रीवास्तव ने की. विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ रेणु सिंह, मंडन भारती कृषि महाविद्यालय की प्राचार्या अरुणिमा कुमारी, अनुभावानंद स्वामी, संस्थान के मुख्य संरक्षक अधिवक्ता अशोक कुमार वर्मा, चिकित्सक डॉ शिलेंद्र कुमार, डॉ सुनील कुमार पुष्पम, मुक्तेश्वर मुकेश ने कहा कि चारों ओर प्रदूषण, आर्थिक मंदी एवं राजनीतिक दलबंदी जैसे कठिन समय में हमारे लिए नाटक जैसे स्वस्थ मनोरंजन की कितनी आवश्यकता है यह एक सचेतन व्यक्ति ही समझ सकता है. उन्होंने कहा कि प्रतिकूल समय में लगातार संस्थान का यह प्रयास काफी सराहनीय है. इससे पूर्व सृष्टि आनंद ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया. वही संस्था द्वारा अतिथियों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया. इस अवसर पर हबीब तनवीर लिखित व मोहित मोहन निर्देशित नाटक चरणदास चोर का मंचन किया गया. जिसमें चोर की भूमिका राज कुमार राजा, रानी- नीतू कुमारी, हवलदार शिंकु कुमार, सेठानी निशि, मालगुजार प्राची, बाबा नाजिम नेहाल, पुरोहित अब्दुल कलाम, किसान ओमप्रकाश, गंजेड़ी सुंदरम, जुआरी कृष्णा, मुनीम सत्यम, मंत्री शुभम, बेटा, बेटी लक्ष्य वर्मा, काव्या, मंगलू मयंक, दासी मनीषा, चेला अमित ने अपने-अपने पात्रों को वखूबी निभाया. नाटक में संगीत संयोजन जेके अमर, सुमन कुमार व शंकर बिहारी ने किया. वहीं निहारिका कृष्णा अखौड़ी के निर्देशन में नीतू कुमारी, आकांक्षा आजाद, सृष्टि आनंद, निशी कुमारी, प्राची प्रिया, मनीषा शर्मा, खुशी आनंद, अदिति कुमारी, पूजा कुमारी, खुशबू कुमारी, हिमांगी रंजन, अनु गुप्ता, शोमिका वर्मा, काव्या श्री ने लोक नृत्य की खूबसूरत प्रस्तुति से समा बांधा. गया से आये जादूगर अमन कुमार ने अपनी जादू से लोगों को खूब गुदगुदाया. कार्यशाला में भाग लिए सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. समारोह को सफल व आकर्षक बनाने में चंदन वर्मा, राहुल गौरव, सुदर्शन कुमार, साकेत झा, निभाष कुमार, मनीष मुस्कान, राघव झा, पुरुषोत्तम सहित अन्य ने भरपूर सहयोग किया. धन्यवाद ज्ञापित करते संस्थान सचिव वंदन वर्मा ने विशेष सहयोग के लिए डॉ सुनील पुष्पम, डॉ शीलेंद्र कुमार, राजकीय प्लस टू विद्यालय प्राचार्य कपिलदेव यादव सहित अतिथियों व दर्शकों का आभार व्यक्त किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन