Bettiah: राप्ती तट से मिले 195 घड़ियाल अंडे, 5 साल तक होगी विशेष देखरेख
Published by : Sarfaraz Ahmad Updated At : 28 Apr 2026 6:55 PM
घड़ियाल के अंडों का संकलन करते सुरक्षाकर्मी
चितवन राष्ट्रीय निकुंज में राप्ती नदी के तट से 195 घड़ियाल अंडों का संकलन किया गया है. इन्हें प्रजनन केंद्र में सुरक्षित रखा जाएगा और बाद में नदियों में छोड़ा जाएगा. पढ़ें पूरी खबर…
Bettiah News: वाल्मीकिनगर के चितवन राष्ट्रीय निकुंज में घड़ियाल संरक्षण की दिशा में अहम सफलता मिली है. सुरक्षाकर्मियों ने राप्ती नदी के तट से 195 घड़ियाल अंडों का सुरक्षित संकलन किया है. इन अंडों को अब निकुंज के घड़ियाल प्रजनन केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां इन्हें नियंत्रित वातावरण में सेया जाएगा.
15 मार्च से चल रहा था अभियान
निकुंज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर ने बताया कि 15 मार्च से सुरक्षाकर्मी राप्ती नदी के किनारे घड़ियालों के घोंसलों की तलाश में जुटे थे. अभियान के दौरान कुल 17 घोंसले मिले, जिनमें से 7 घोंसलों से सोमवार को 195 अंडे सुरक्षित निकाले गए.
क्यों ज़रूरी है यह प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, नदी किनारे बालू में दिए गए अंडों पर मानव गतिविधियों और अन्य वन्यजीवों से खतरा बना रहता है. ऐसे में अंडों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करना जरूरी होता है, ताकि उनके नष्ट होने की संभावना कम हो सके और घड़ियालों की संख्या को संरक्षित रखा जा सके.
5 साल तक होती है देखरेख
प्रजनन केंद्र में अंडों को एक निश्चित तापमान पर रखा जाता है, जहां से बच्चे निकलने के बाद उन्हें विशेष देखरेख में पाला जाता है. इन घड़ियालों को करीब पांच साल तक केंद्र के तालाबों में रखा जाता है. इसके बाद उन्हें राप्ती और गंडक जैसी नदियों में छोड़ा जाता है, ताकि वे प्राकृतिक वातावरण में रह सकें.
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी राप्ती नदी के किनारे 18 घोंसलों की पहचान कर 232 अंडों का संकलन किया गया था. प्रशासन घड़ियाल संरक्षण को लेकर लगातार अभियान चला रहा है.
वाल्मीकिनगर से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट
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By Sarfaraz Ahmad
सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।
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