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संविधान सभी भेदभाव से ऊपर सभी की आस्था व विश्वास का है बड़ा केंद्रः डॉ अनंत सिंह

Updated at : 02 Dec 2025 5:54 PM (IST)
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संविधान सभी भेदभाव से ऊपर सभी की आस्था व विश्वास का है बड़ा केंद्रः डॉ अनंत सिंह

संविधान सभी भेदभाव से ऊपर सभी की आस्था व विश्वास का है बड़ा केंद्रः डॉ अनंत सिंह

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एसएनएसआरकेएस महाविद्यालय में हुआ एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन सहरसा. सर्वनारायण सिंह राम कुमार सिंह कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा संविधान की मूल भावना विकास, संशोधन व चुनौतियां विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. सेमिनार की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ अनंत कुमार सिंह ने की. मुख्य वक्ता पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ डीएन सिंह ने प्रतिभागियों से इंटरएक्टिव लहजे में बात करते वर्तमान समय में संवैधानिक संस्थाओं के गिरावट पर ध्यान आकर्षित कराया. उन्होंने भारतीय संविधान की विशिष्टताओं का विस्तृत व रोचक वर्णन करते वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उसकी अपरिहार्यता पर बल दिया. उन्होंने भारत की प्रमुख संस्थाओं यथा सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की सूक्ष्म चर्चा करते संविधान को उनका प्रेरक तत्त्व बताया. संविधान कार्यक्रम के संयोजक डॉ अनिरुद्ध कुमार ने वर्तमान स्थिति में संविधान के आलोक में भारत के विकास पथ पर चलने का आह्वान करते इस गोष्ठी को सार्थक बताया. हिंदी विभाग के डॉ आर्य सिंधु ने संविधान एवं देश विषयक हिंदी कविताओं के सुमधुर गायन के साथ गोष्ठी में अपने विचार रखे. गोष्ठी के आयोजन सचिव सह संचालक डॉ सुधांशु शेखर ने संविधान निर्माता को कृतज्ञता पूर्वक स्मरण करते कहा कि प्रत्येक देश को अपनी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बेहतर संविधान की आवश्यकता होती है. भारतवर्ष बहुत सौभाग्यशाली है कि उसे एक शानदार संविधान मिला एवं भारत के नागरिक आज अपने को इस संविधान का बेहतर उत्तराधिकारी सिद्ध करें यही उनकी सार्थकता होगी. महाविद्यालय प्रधानाचार्य डॉ अनंत कुमार सिंह ने आगत अतिथियों का स्वागत करते कहा कि भारत का संविधान जाति धर्म लिंग सभी भेदभाव से ऊपर उठकर सभी नागरिकों की आस्था एवं विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु है. जिसके आलोक में सभी अपने कर्तव्य का पालन करते हैं. समय-समय पर देशकाल स्थिति के अनुरूप इस संविधान में परिवर्तन हुए. जिससे यह और जीवंत होता चला गया. भारत के विकास के लिए इस संविधान की रोशनी में हमें आज की समस्याओं का समाधान निकालना है. जिससे आने वाली पीढ़ी एक स्वर्णिम भविष्य का साक्षात्कार कर सके. डॉ जवाहर चौरसिया ने विषय पर अपने सरगर्वित विचार रखते आयोजक मंडल की ओर से धन्यवाद ज्ञापन किया. संगोष्ठी के मौके पर एमए तृतीय सेमेस्टर के छात्रों का सेमिनार हुआ. जिसमें लगभग 40 प्रतिभागियों ने अपना सेमिनार पत्र समर्पित किया. इन सभी प्रतिभागियों को प्रधानाचार्य ने प्रमाण पत्र दिया. इस मौके पर डॉ सुधीर, डॉ मुरारी, डॉ नृपेंद्र, डॉ चंदन, डॉ अमरेश, डॉ प्रमोद, डॉ विद्यासागर, डॉ पंकज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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