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कबाड़ व्यवसायी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप

Updated at : 03 Dec 2025 5:39 PM (IST)
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कबाड़ व्यवसायी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप

नगर निगम क्षेत्र के गांधीपथ निवासी मनोज कुमार साह की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. मनोज साह की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गयी.

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बिजली तार के चोरों की निशानदेही पर पुलिस ने हिरासत में लिया था

सहरसा/सौरबाजार. नगर निगम क्षेत्र के गांधीपथ निवासी मनोज कुमार साह की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. मनोज साह की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गयी. परिजनों ने इस मौत के लिए सौरबाजार थाना पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया है कि हिरासत में मनोज की बेरहमी से पिटाई की गयी, जिसके कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गयी और इलाज के दौरान उनकी जान चली गयी. परिजनों ने इसे पुलिस की बर्बरता बताते हुए न्याय की गुहार लगायी है.

मृतक के भाई सनोज साह ने बताया कि मनोज कुमार साह सौरबाजार थाना क्षेत्र के चकला में कबाड़ खरीद-बिक्री की दुकान करता था. 27 नवंबर को बिजली तार चोरी के मामले में पुलिस द्वारा पूछताछ के नाम पर उसे थाना बुलाया गया. परिजनों का आरोप है कि मनोज को बिना किसी ठोस सबूत के हिरासत में रखा गया और वहीं उनकी बेरहमी से पिटाई की गयी. बताया जाता है कि मारपीट के कारण मनोज गंभीर रूप से जख्मी हो गया. 28 नवंबर की शाम जब मनोज साह को छोड़ा गया, उस समय उसकी हालत खराब थी. मनोज ठीक से चल भी नहीं पा रहा था और पूरे शरीर में दर्द की शिकायत कर रहा था. घर पहुंचते ही उनकी तबीयत और बिगड़ गयी. जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया. सदर अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए परिजनों ने शहर के रमेश झा रोड स्थित निजी क्लिनिक में भर्ती कराया. जहां उपचार के दौरान बुधवार को मनोज की मौत हो गयी. मृतक की पत्नी ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. उसने बताया कि पुलिस ने मनोज को छोड़ने के लिए दो लाख रुपये की मांग की थी. पुलिस को पैसा न देने पर मनोज के साथ और भी ज्यादा मारपीट की गयी. जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गयी और उनकी मौत हो गयी. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. घर में कोहराम मचा हुआ है. मनोज अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था. मनोज को दो छोटी बेटी व एक बेटा है.

दो बार दुकान पर की थी छापेमारी

परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले इलाके में बिजली तार की चोरी हुई थी. जिसके संदेह में पुलिस ने मनोज की दुकान पर दो बार छापेमारी भी की थी, लेकिन हर बार पुलिस को कुछ भी नहीं मिला. इसके बावजूद केवल संदेह के आधार पर उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और वहीं पर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाये.

नहीं की गयी मारपीट

तार चोरी के मामले में पकड़ाये चोर द्वारा बताया गया कि मनोज कुमार साह के कबाड़ की दुकान में 200 रुपए किलो तार बेचे हैं. जिस मामले में पूछताछ के लिए मनोज साह को थाना बुलाया गया था. जहां मनोज साह द्वारा चोरी का तार खरीदने की बात स्वीकार की गयी. 28 नवंबर को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया, मारपीट नहीं की गयी है, आरोप निराधार है.

अजय कुमार पासवान, थाना अध्यक्ष, सौरबाजारB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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