सहरसा के दो टीचरों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान, शिक्षा जगत में बढ़ा जिले का मान
डॉ जाफर पयामी एवं नूर बानो हुई सम्मानित
Saharsa News: छोटे शहर से राष्ट्रीय पहचान तक. सहरसा के दो शिक्षाविदों ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल की बड़ी उपलब्धि, मिला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.
Saharsa News: शिक्षा के क्षेत्र में सहरसा को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है. डीपीएस सहरसा के निदेशक डॉ जफर पयामी और निदेशिका नूर बानो को प्रतिष्ठित ‘एजुकेशनल एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है. हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दोनों शिक्षाविदों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावी नेतृत्व और नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया. इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी का माहौल है.
हैदराबाद में मिला राष्ट्रीय सम्मान
यह सम्मान 19 से 21 जून तक हैदराबाद में आयोजित प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन की 15वीं नेशनल काउंसिल मीट के दौरान प्रदान किया गया. देशभर से पहुंचे शिक्षाविदों और शिक्षा विशेषज्ञों के बीच सहरसा के दो शिक्षकों का सम्मानित होना जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है.
Saharsa News: शिक्षा में नवाचार और नेतृत्व को मिली पहचान
डॉ जफर पयामी और नूर बानो को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति और आधुनिक तकनीक आधारित शैक्षणिक नवाचारों के लिए सम्मानित किया गया. दोनों लंबे समय से छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने और शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में कार्य कर रहे हैं.
“भविष्य के भारत की मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा”
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ जफर पयामी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्यों का विकास और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था ही भविष्य के भारत की मजबूत नींव है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध कराना और उसे वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना उनका प्रमुख उद्देश्य है.
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Saharsa News: सहरसा के लिए गौरव का क्षण
शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने इस उपलब्धि पर दोनों शिक्षाविदों को बधाई दी है. लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सहरसा और बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी गर्व का विषय है. शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में डीपीएस सहरसा आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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