सहरसा में अनुराग गली नाला सफाई विवाद की होगी जांच, स्थायी लोक अदालत ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

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सहरसा में अनुराग गली नाला सफाई विवाद की होगी जांच, स्थायी लोक अदालत ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

अनुराग गली नाला सफाई विवाद की जांच के लिएस्थायी लोक अदालत ने बनाई तीन सदस्यीय कमेटी

Saharsa News: क्या अनुराग गली के नाले की सफाई वास्तव में हुई थी या सिर्फ कागजों में दावा किया गया? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए स्थायी लोक अदालत ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है. कमेटी अब मौके पर जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपेगी.

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सहरसा से विनय कुमार मिश्र.

Saharsa News: सहरसा में अनुराग गली स्थित नाले की सफाई को लेकर उठे विवाद पर स्थायी लोक अदालत ने अहम कदम उठाया है. अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. कमेटी को स्थल निरीक्षण कर यह सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है कि नगर निगम द्वारा छह मई को नाले की सफाई कराई गई थी या नहीं.

शिकायत के बाद अदालत ने लिया संज्ञान

यह मामला कैलेंद्र प्रताप सिंह बनाम नगर निगम से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने जांच को आवश्यक माना और स्वतंत्र जांच कराने का फैसला लिया.

अदालत का मानना है कि मामले के निष्पक्ष निस्तारण के लिए जमीनी स्थिति की वास्तविक जानकारी जरूरी है. इसी उद्देश्य से जांच कमेटी का गठन किया गया है.

ये सदस्य करेंगे स्थल निरीक्षण

स्थायी लोक अदालत ने अधिवक्ता कौशल यादव, मनोज कुमार वर्मा और रविभूषण प्रसाद सिन्हा को जांच कमेटी का सदस्य नियुक्त किया है. कमेटी अनुराग गली पहुंचकर नाले की स्थिति का निरीक्षण करेगी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.

कमेटी को आगामी 15 जून तक अपना जांच प्रतिवेदन अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है.

किन मामलों की होती है सुनवाई

मामले की सुनवाई स्थायी लोक अदालत की पीठ ने की. पीठ में अध्यक्ष महेश प्रसाद सिंह के साथ सदस्य विकास रंजन दत्त कुमार और मनोज प्रसाद शामिल थे.

स्थायी लोक अदालत में नगर निगम, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, दूरसंचार, नल-जल, स्वास्थ्य सेवाएं, डिस्पेंसरी, आवास एवं भू-संपदा, शिक्षा संस्थान और परिवहन से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है.

आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण मंच

स्थायी लोक अदालत आम नागरिकों को सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान का प्रभावी मंच उपलब्ध कराती है. कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या से संबंधित आवेदन देकर यहां शिकायत दर्ज करा सकता है.

अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्थायी लोक अदालत द्वारा पारित आदेश अंतिम होते हैं और इनके विरुद्ध किसी प्रकार की अपील का प्रावधान नहीं है.

यहीं संचालित होती है लोक अदालत

सहरसा व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित न्याय सदन में स्थायी लोक अदालत की पीठ नियमित रूप से संचालित होती है. यहां विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान किया जाता है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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