सहरसा नगर निगम की योजनाओं और टोल वसूली की होगी विभागीय जांच, चार सदस्यीय समिति गठित

Updated:
विज्ञापन
सहरसा नगर निगम की योजनाओं और टोल वसूली की होगी विभागीय जांच, चार सदस्यीय समिति गठित

नगर निगम सहरसा

Saharsa Nagar Nigam: सहरसा नगर निगम की विकास योजनाओं और टोल व पार्किंग शुल्क वसूली में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने चार सदस्यीय समिति गठित की है. समिति 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

विज्ञापन

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa Nagar Nigam: बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने सहरसा नगर निगम में संचालित विकास योजनाओं तथा टोल एवं पार्किंग शुल्क वसूली में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय विभागीय समिति का गठन किया है. समिति को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर स्पष्ट मंतव्य के साथ अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है.

विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन की ओर से दिए गए परिवाद पत्र के आधार पर यह कार्रवाई की गई है.

किन आरोपों की होगी जांच

कार्यालय आदेश के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम में विभिन्न विकास योजनाओं को खंड-खंड कर 15 लाख रुपये से कम लागत का दर्शाया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की आशंका है.

इसके अलावा शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर टोल और पार्किंग शुल्क की वसूली में निविदा शर्तों के उल्लंघन तथा भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए गए हैं. इन सभी बिंदुओं की विभागीय जांच की जाएगी.

चार सदस्यीय जांच समिति गठित

नगर विकास एवं आवास विभाग ने संयुक्त सचिव संजय कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है.

समिति में शामिल सदस्य इस प्रकार हैं.

  1. अध्यक्ष – संयुक्त सचिव संजय कुमार.
  2. सदस्य – अवर सचिव परमानंद पाण्डेय.
  3. सदस्य – अधीक्षण अभियंता हरेन्द्र कुमार उपाध्याय.
  4. सदस्य – सहायक अभियंता अखिलेश कुमार.

15 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट

विभाग ने समिति को निर्देश दिया है कि सभी आरोपों की विस्तृत जांच कर स्पष्ट मंतव्य के साथ 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए. कार्यालय आदेश में उल्लेख किया गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है.

शिकायतकर्ता को भी भेजी गई आदेश की प्रति

विभाग ने कार्यालय आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ शिकायतकर्ता डॉ. आलोक रंजन को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी है.

प्रमुख बातें

  1. सहरसा नगर निगम की योजनाओं और टोल वसूली की विभागीय जांच होगी.
  2. नगर विकास एवं आवास विभाग ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की.
  3. विकास योजनाओं में वित्तीय अनियमितता और टोल वसूली में गड़बड़ी के आरोपों की होगी जांच.
  4. समिति को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश.
  5. शिकायत पूर्व मंत्री डॉ. आलोक रंजन के परिवाद पत्र के आधार पर दर्ज की गई.

और पढ़ें: सहकारिता योजनाओं की हुई समीक्षा, डीएम बोले- पात्र किसानों तक हर हाल में पहुंचे लाभ

विज्ञापन
Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन