सहरसा के स्कूलों में नगर निगम का स्वच्छता अभियान, बच्चों ने लिया कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प

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फोटो - सहरसा - शपथ लेते बच्चे | Prabhat Khabar Network

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Saharsa News: सहरसा में नगर निगम ने स्कूली बच्चों के बीच स्वच्छता का संदेश फैलाया. इस अभियान में कचरा प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक से बचाव पर जोर दिया गया. बच्चों और शिक्षकों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई.

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Saharsa News: स्वच्छ शहर की शुरुआत बच्चों से हो सकती है. इसी सोच के साथ सहरसा नगर निगम ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर छात्रों को कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया. अभियान के दौरान बच्चों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, डस्टबिन का नियमित उपयोग करने और सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने की जानकारी दी गई. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वच्छ विद्यालय, स्वच्छ शहर और स्वच्छ सहरसा का सामूहिक संकल्प भी लिया.

स्कूलों में पहुंचा नगर निगम का स्वच्छता अभियान

सहरसा नगर निगम की ओर से शहर के विभिन्न विद्यालयों में स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी स्वच्छता का संदेश पहुंचा सकें.

अभियान के तहत मध्य विद्यालय तिवारी टोला, प्राथमिक विद्यालय सपटियाही सहित अन्य विद्यालयों में स्वच्छता साथियों ने विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी.

बच्चों को सिखाया गया कचरा पृथक्करण का महत्व

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को बताया गया कि गीले और सूखे कचरे को स्रोत स्तर पर अलग-अलग रखना क्यों जरूरी है. स्वच्छता साथियों ने डस्टबिन के नियमित उपयोग, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की भी विस्तार से जानकारी दी.

बच्चों को यह समझाया गया कि यदि घर, स्कूल और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का सही तरीके से पृथक्करण किया जाए तो न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है.

सिंगल यूज प्लास्टिक से दूर रहने की अपील

अभियान के दौरान विद्यार्थियों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया.

उन्हें बताया गया कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण, जल स्रोतों और जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. छात्रों से प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने और कपड़े या अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई.

नगर निगम ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया.

विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ली स्वच्छता की शपथ

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ दिलाई गई.

उन्होंने घर, विद्यालय और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने, कचरे का पृथक्करण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया.

नगर निगम ने इस अवसर पर "स्वच्छ विद्यालय, स्वच्छ शहर, स्वच्छ सहरसा" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया.

Saharsa News: बच्चों के जरिए समाज में बदलाव लाने की पहल

स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं है. नगर निगम का मानना है कि यदि बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित होगी तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा.

ऐसे अभियान न केवल स्वच्छ भारत मिशन को मजबूती देते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना भी विकसित करते हैं.

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Vinay Kumar Mishra

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