बघोंड़ में कोसी के कटाव से दहशत, विद्यालय भवन पर मंडरा रहा खतरा

विज्ञापन

फोटो - विद्यालय के समीप लगा कटनियां व हो रहा कटावरोधी कार्य | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

बगोंड़ गांव में कोसी नदी का कटाव विकराल रूप ले चुका है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है. महज 100 मीटर कटावरोधी कार्य नाकाफी साबित हो रहा है, जिससे स्कूल भवन और किसानों की फसलें खतरे में हैं. ग्रामीण स्थायी समाधान की गुहार लगा रहे हैं.

विज्ञापन

Baghaur Kosi Erosion: कोसी की धारा गांव की ओर बढ़ रही है और उसके सामने खड़ा विद्यालय भवन अब ग्रामीणों की चिंता का सबसे बड़ा कारण बन गया है. नहरवार पंचायत के बघोंड़ गांव में नदी के कटाव ने एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के पास कराया जा रहा महज 100 मीटर कटावरोधी कार्य पूरा होने के कगार पर है, लेकिन कटाव की रफ्तार नहीं थमी है. यदि नदी का कटाव इसी तरह जारी रहा, तो विद्यालय भवन के अस्तित्व पर खतरा मंडरा सकता है.

विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि बघोंड़ के लोगों के लिए बाढ़, कटाव और विस्थापन कोई नई समस्या नहीं है. वर्षों से कोसी की धारा के साथ संघर्ष कर रहे ग्रामीण अब इस समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं. उनका आरोप है कि जिस क्षेत्र को कम से कम 600 मीटर कटावरोधी कार्य की जरूरत है, वहां सिर्फ 100 मीटर काम कराया जा रहा है.

तीन तरफ पानी से घिरे गांव की बढ़ी चिंता

कोसी की मुख्य धारा के मुहाने पर स्थित बघोंड़ गांव के ग्रामीणों के अनुसार गांव तीन तरफ से पानी से घिरा रहता है. ऐसे में नदी के कटाव का असर केवल जमीन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के आवागमन और रोजमर्रा के जीवन पर भी पड़ता है.

ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी गांव को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं मिल सकी है. बरसात और बाढ़ के दौरान स्थिति और कठिन हो जाती है. कटाव बढ़ने पर लोगों को अपने घर, जमीन और खेती की सुरक्षा की चिंता सताने लगती है.

अब विद्यालय भवन के समीप कटाव का खतरा बढ़ने से अभिभावकों और ग्रामीणों की चिंता और गहरी हो गयी है. उनका कहना है कि विद्यालय सुरक्षित नहीं रहा, तो बच्चों की पढ़ाई पर भी सीधा असर पड़ सकता है.

मतदान बहिष्कार के बाद मिला था आश्वासन

ग्रामीणों के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कटाव के स्थायी निदान और आवागमन की सुविधा की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और वर्तमान विधायक संजय सिंह के आश्वासन के बाद दोपहर बाद ग्रामीणों ने मतदान किया.

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गठन के बाद विधायक की पहल पर विभाग ने विद्यालय के समीप 100 मीटर कटावरोधी कार्य की स्वीकृति दी. लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह काम पर्याप्त नहीं है.

उनका कहना है कि नदी जिस क्षेत्र में लगातार कटाव कर रही है, वहां केवल एक छोटे हिस्से को सुरक्षित करने से पूरी समस्या का समाधान नहीं होगा.

29 लाख का प्राक्कलन, 16.8 प्रतिशत बिलो रेट पर टेंडर

ग्रामीणों के अनुसार स्वीकृत 100 मीटर कटावरोधी कार्य के लिए 29 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया था और इसके लिए संविदा निकाली गयी थी. ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक ने 16.8 प्रतिशत बिलो रेट पर टेंडर लिया, जिसके बाद कार्य की राशि करीब 23 लाख रुपये रह गयी.

ग्रामीणों के मुताबिक अब यह काम समाप्त होने के कगार पर है, लेकिन कटाव की समस्या बनी हुई है. वे चाहते हैं कि संबंधित विभाग मौके पर स्थिति का आकलन करे और यह देखा जाए कि वर्तमान कटावरोधी कार्य से वास्तव में कितना क्षेत्र सुरक्षित हो पाया है.

कटाव नहीं रुका तो फसल और स्कूल दोनों पर असर

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता विद्यालय भवन को लेकर है. उनका कहना है कि नदी का कटाव यदि इसी गति से जारी रहा, तो विद्यालय भवन जल्द ही कोसी की धारा की चपेट में आ सकता है.

इसके साथ ही आसपास की कई एकड़ कृषि भूमि में लगी फसल भी कटाव की भेंट चढ़ने की आशंका है. खेती पर निर्भर ग्रामीणों के लिए जमीन का कटना केवल मौजूदा फसल का नुकसान नहीं, बल्कि भविष्य की आजीविका को लेकर भी बड़ी चिंता है.

इसी वजह से ग्रामीण कम से कम 600 मीटर क्षेत्र में कटावरोधी कार्य कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि नदी की धारा को विद्यालय और गांव की ओर बढ़ने से रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए जा सकें.

Baghaur Kosi Erosion: डीएम से स्थल निरीक्षण की मांग

स्थानीय ग्रामीण प्रकाश सिंह, दर्शन सिंह, पिंटू सिंह, नीतिन कुमार सिंह, कारी सादा, लक्ष्मण सादा, जंगल कामत, संतोष सादा और प्रमोद रजक सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी से स्वयं स्थल का निरीक्षण करने की मांग की है.

ग्रामीणों का कहना है कि मौके की वास्तविक स्थिति देखकर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौजूदा 100 मीटर कटावरोधी कार्य कितना प्रभावी है और आगे कितने क्षेत्र में सुरक्षा कार्य की जरूरत है. उन्होंने बालहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस पहल की मांग की है.

फिलहाल बघोंड़ में ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है. स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल छोटे हिस्से में कटावरोधी काम कराने के बजाय नदी की स्थिति, विद्यालय भवन और आसपास की कृषि भूमि को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की जाए.

Also Read: बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान

Also Read: बिहार के शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत, CM सम्राट चौधरी ने जारी किए 461 करोड़ रुपये

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन