पहले ही प्रयास में AIBE परीक्षा पास कर राजेश कुमार बने अधिवक्ता, गांव की पहली पीढ़ी के वकील बनने पर खुशी की लहर

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अधिवक्ता राजेश कुमार का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

अधिवक्ता राजेश कुमार का फाइल फोटो | Prabhat Khabar Network

Saharsa News: सत्तरकटैया के भेलवा गांव के राजेश कुमार ने प्रथम प्रयास में अखिल भारतीय अधिवक्ता परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा है. वे अपने गांव के पहले पीढ़ी के अधिवक्ता बने हैं, जिनका लक्ष्य गरीबों को न्याय दिलाना है.

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Saharsa News: सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड के एक किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है. भेलवा गांव निवासी राजेश कुमार ने पहले ही प्रयास में अखिल भारतीय अधिवक्ता परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण कर अधिवक्ता बनने का सपना पूरा कर लिया. खास बात यह है कि वह अपने गांव की पहली पीढ़ी के अधिवक्ता बने हैं. उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा पेश की है.

पहले प्रयास में AIBE पास कर हासिल की बड़ी सफलता

सहरसा जिले के सत्तरकटैया अंचल अंतर्गत नगर निगम वार्ड संख्या-1 स्थित भेलवा गांव निवासी राजेश कुमार ने प्रथम प्रयास में ही अखिल भारतीय अधिवक्ता परीक्षा (AIBE) उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है.

इस उपलब्धि के साथ वह अपने गांव के पहली पीढ़ी के अधिवक्ता बन गए हैं. उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार और गांव में खुशी का माहौल बन गया.

ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

किसान परिवार से निकलकर तय किया सफलता का सफर

राजेश कुमार एक साधारण किसान परिवार से आते हैं.

उनके पिता कपलेश्वर प्रसाद यादव किसान हैं, जबकि माता सीता देवी गृहिणी हैं. उनकी पत्नी नीलम कुमारी पूर्व पंचायत समिति सदस्य रह चुकी हैं.

सीमित संसाधनों के बावजूद राजेश ने अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर लगातार ध्यान बनाए रखा और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर परिवार का मान बढ़ाया.

'गरीबों को न्याय दिलाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी'

अपनी सफलता पर राजेश कुमार ने कहा कि समाज में आज भी कई गरीब और जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पाता.

उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को अक्सर न्याय के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ता है.

राजेश ने कहा कि अधिवक्ता के रूप में उनकी पहली प्राथमिकता गरीब और जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने की होगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता आसानी से मिल सके.

गांव में जश्न, लोगों ने मिठाई खिलाकर दी बधाई

AIBE परीक्षा में सफलता की खबर मिलते ही गांव में खुशी का माहौल बन गया.

परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की. बड़ी संख्या में लोग राजेश कुमार के घर पहुंचकर उन्हें बधाई देने लगे.

ग्रामीणों का कहना है कि राजेश की सफलता गांव के अन्य युवाओं को भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी.

Saharsa News: युवाओं के लिए प्रेरणा बनी यह उपलब्धि

ग्रामीणों का मानना है कि साधारण परिवार से निकलकर पहले प्रयास में अधिवक्ता परीक्षा पास करना यह साबित करता है कि मेहनत, धैर्य और स्पष्ट लक्ष्य के साथ बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.

राजेश कुमार की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बन गई है. आने वाले समय में उनसे समाज के जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

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लालबहादुर कुमार

लेखक के बारे में

By लालबहादुर कुमार

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. प्रिंट मिडिया में वर्ष 2012 से लगातार कार्यरत हैं. वर्तमान में मैं सहरसा जिले के सत्तरकटैया प्रखंड में समाचार संकलन के कार्य में जुटे हैं.उनकी रूचि शिक्षा एवं समाज सेवा है.

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