निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद गर्भवती की मौत, हंगामा

Updated at : 18 Sep 2024 6:54 PM (IST)
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निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद गर्भवती की मौत, हंगामा

परिजनों से ऑपरेशन के लिए 30 हजार रुपए मांगे गये

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परिजनों ने कहा ऑपरेशन के बाद हो गयी मौत तो ऑक्सीजन लगा कर दिया रेफर नर्सिंग होम छोड़ डॉक्टर व कर्मी हुए फरार कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं निजी नर्सिंग होम सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत डाक बंगला चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में डिलेवरी के लिए भर्ती करायी गयी प्रसव पीड़िता की मौत ऑपरेशन के बाद हो गयी. मौत के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम पहुंच हो हंगामा करते हुए चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया. वहीं हंगामा होते देख डॉक्टर सहित कर्मी क्लिनिक छोड़कर फरार हो गये. मृतक महिला की पहचान सलखुआ थाना क्षेत्र के गोरियारी गांव वार्ड संख्या 15 निवासी विंदर शर्मा की 22 वर्षीय पत्नी रानी देवी के रूप में की गयी. हंगामा कर रहे परिजनों ने बताया कि रविवार को प्रसव पीड़ा होने के बाद रानी देवी को सलखुआ पीएचसी में भर्ती कराया गया था. जहां चिकित्सक ने सोमवार को उसकी हालत देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया. इसी दौरान उसके साथ में गांव की आशा कार्यकर्ता उसे बेहतर इलाज की बात कह कर सिमरी बख्तियारपुर की डाक बंगला चौक स्थित सृष्टि जीवन हॉस्पिटल एंड क्रिटिकल केयर नर्सिंग होम लेकर चली आयी. जहां परिजनों को बेहतर इलाज का भरोसा दिलाते हुए महिला के ऑपरेशन करने की बात कही गयी. इसके बाद परिजनों से ऑपरेशन के लिए 30 हजार रुपए मांगे गये. जिसमें परिजनों ने तत्काल 15 हजार रुपये जमा करवा दिया. नर्सिंग होम में सोमवार की रात करीब दो बजे ऑपरेशन कर दिया और महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया. प्रसव होने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी तो नर्सिंग होम के द्वारा कहा गया कि तीन यूनिट महिला को ब्लड चढ़ाना पड़ेगा. जिसके लिए उसने परिजनों से 22 हजार रुपये की डिमांड की. परिजनों द्वारा पे फोन के माध्यम से 10 हजार रुपये और कैश 2 हजार जमा भी कर दिया. वहीं सुबह होते-होते महिला की तबियत बिगड़ने लगी. परिजनों ने आरोप लगाया कि ब्लड के लिए रुपया तो लिया गया, लेकिन ब्लड नहीं चढ़ाया गया और नर्सिंग होम प्रबंधन द्वारा बताया गया कि महिला की तबीयत काफी खराब हो रही है इसे बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय भेजा जायेगा. जिसके बाद नर्सिंग होम प्रबंधन द्वारा मरीज रानी देवी को ऑक्सीजन लगाकर रेफर कर दिया गया. जबकि सच्चाई यह थी कि उसकी मौत हो गयी थी. जब मरीज को लेकर वह बेगूसराय पहुंचे तो वहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया और बताया कि इसकी मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी है. इसके बाद वह शव को लेकर अपने घर गोरियारी चले गये. इसके बाद मृतक के परिजनों ने मंगलवार की रात करीब नौ बजे नर्सिंग होम प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम पहुंच कर जमकर हंगामा किया. हंगामा के दौरान नर्सिंग होम के सभी डॉक्टर और स्टाफ मौके का फायदा उठाकर भाग निकले. इधर हंगामा की सूचना पर पुलिस पहुंची. जहां परिजनों को उन्होंने समझा कर शांत करते हुए आवेदन देने की बात करते हुए नर्सिंग होम प्रबंधन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया. इस संदर्भ में थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उसके परिजनों द्वारा नर्सिंग होम के संचालक दिलकुश उर्फ राहुल झा के विरुद्ध आवेदन प्राप्त हुआ है. जिसकी जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जा रही है.

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