चिमनी के धुंआ व धूल से फैल रहा है प्रदूषण, बढ़ रही है श्वास की बीमारी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 19 May 2024 8:59 PM
चिमनी के धुंआ व धूल से फैल रहा है प्रदूषण, बढ़ रही है श्वास की बीमारी
सत्तरकटैया.प्रखंड क्षेत्र में मिट्टी से ईंट बनाने वाली चिमनी भट्ठा की वजह से क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है. लेकिन विभागीय पदाधिकारी लापरवाह बने हुए हैं. ईट बनाने के लिए मिट्टी व बालू की आवश्यकता होती है. जिसके लिए इस सीजन में मिट्टी का स्टोर किया जाता है. इसके लिए जेसीबी व ट्रैक्टर से मिट्टी काटकर ढुलाई की जाती है. मिट्टी का स्टोर करने के लिए सैकड़ों ट्रैक्टर दिन रात मिट्टी ढोते रहते है. ढुलाई के दौरान मिट्टी का कुछ अंश सड़कों पर गिरता जाता है. जो धूल बनकर उड़ता रहता है. जब सड़क से गाड़ी आती जाती है तो धूल से अंधेरा छा जाता है और राजगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. चिमनी से निकलने वाले धुंआ व धूल से प्रदूषण फैलता है. जिससे श्वास रोग, चर्म रोग व आंखों की बीमारी हो जाती है. लेकिन चिमनी मालिक द्वारा पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है. सड़क पर जमी धूल व मिट्टी बरसात के समय में फिसलन पैदा करती है. सड़क किनारे आठ चिमनी राहगीरों की बढ़ा रही है परेशानी
सत्तरकटैया-बिहरा रोड के दोनों तरफ कुल आठ चिमनी है. वही पंचगछिया-सत्तर, खोनहा-विशनपुर रोड में दो-दो चिमनी है. लेकिन किसी भी सड़क में पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है. सत्तर कटैया-बिहरा रोड में अधिक चिमनी होने के कारण सैकड़ों ट्रैक्टर मिट्टी ढुलाई करते रहते हैं. जिससे राहगीरों की परेशानी बढ़ गयी है. इस सड़क में धूल की वजह से दिन में भी अंधेरा जैसा दिखाई देता है.ईंट निर्माण के नाम पर हो रहा है अवैध खनन
प्रखंड क्षेत्र में चिमनी की वजह से युद्ध स्तर पर मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है. चिमनी मालिक ईंट बनने के लिए मिट्टी का स्टोर करते हैं और मिट्टी जमा कर ऊंचे-ऊंचे टीला का निर्माण करता है. जिसके कारण भारी मात्रा में मिट्टी का खनन होता है. किसानों को पैसे का प्रलोभन देकर मिट्टी खरीद लिया जाता है और तीन से चार फीट तक मिट्टी काट लिया जाता है. एक किसान का खेत जैसे ही गहरा हुआ, बगल के किसानों को मिट्टी बेचना मजबूरी हो जाता है और इस तरह एक बड़ा रकवा तालाब में तब्दील हो जाता है. सत्तर कटैया गांव से पश्चिम व बिहरा पंचगछिया से पूरब हजारों एकड़ जमीन की मिट्टी कटाई हो गयी है. जो निकट भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है. इसके अलावे भी कुछ बालू माफिया सरकारी जमीन को टारगेट कर अवैध खनन करते हैं और रात-रात भर जेसीबी से मिट्टी काटकर हाइवा से ढुलाई करते हैं. इस कारनामे में नीचे से ऊपर के सभी पदाधिकारियों की मिली भगत रहती है. अवैध मिट्टी का खनन मेनहा, खोनहा, खादीपुर, विशनपुर, आरण, रकिया आदि गांव में अधिक हो रहा है. तिलावे नदी सहित विभिन्न सरकारी सड़कों की जमीन की मिट्टी काटकर चिमनी पर चला जाता है और ठेकेदारों के हाथों बिक्री हो जाती है. चिमनी की वजह से बढ़ते प्रदूषण को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.कहते हैं अधिकारी
इस मामले में पूछने पर सीओ शिखा सिंह व थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि मामला खनन विभाग से जुड़ा हुआ है, मेरे संज्ञान में नहीं आया था. जांच कर विभागीय पदाधिकारी के संज्ञान में दिया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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