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पंडित मधुकांत झा मधुकर लोक जीवन के थे कवि : सविता देवी

Updated at : 19 Jan 2026 7:01 PM (IST)
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पंडित मधुकांत झा मधुकर लोक जीवन के थे कवि : सविता देवी

मिथिला रत्न पंडित मधुकांत झा मधुकर की 102वीं जयंती मधुकर महोत्सव के रूप में मनायी गयी.

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मिथिला रत्न पंडित मधुकांत झा मधुकर की मनायी गयी 102वीं जयंती समारोह

सहरसा. जिले के कहरा प्रखंड के चैनपुर नीलकंठ मंदिर परिसर में सोमवार को संस्कृत, हिंदी, मैथिली के प्रसिद्ध साहित्यकार हजारों शिव भजन, देवी भजन के रचयिता मिथिला रत्न पंडित मधुकांत झा मधुकर की 102वीं जयंती मधुकर महोत्सव के रूप में मनायी गयी. महोत्सव का उद्घाटन मुखिया सविता देवी ने किया. शिक्षाविद् नरेंद्र कुमार मिश्र हीरा बाबू की अध्यक्षता एवं अमरनाथ झा के संचालन में चले कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ताओं ने मधुकर जी की कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते कहा कि कवि मधुकर के काव्य में क्लिष्ट साहित्यिक शब्दों ने लोकजीवन के लिए सहज बनाया. मधुकर ने हजारों महेश वाणी, देवी भजन एवं नारद भक्ति सूत्र का मैथिली अनुवाद, शंकराचार्य प्रश्नोत्तरी पद्यानुवाद की रचना की. वक्ताओं में प्रमोद कुमार मिश्र, मिहिर कुमार झा भगवानजी, कृष्ण मुरारी झा, मदन मिश्र सहित अन्य ने मधुकर के साहित्य पर अपने विचार व्यक्त किये. इस दौरान आयोजन समिति के प्रो कमलाकांत झा, डॉ कुमुदानंद झा प्रियवर, सुजय कुमार सिन्हा, सत्येन्द्र कुमार मिश्र, बुच्ची बाबू, राजू भक्तराज, कैलाश बाबा, शिवशंकर बाबा, जवाहर झा सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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