20 दिसंबर से 19 जनवरी तक होगा महायोगिनी मेला का आयोजन

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 Nov 2024 5:59 PM

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आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया.

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लिया गया निर्णय, 13 दिसंबर को खुली डाक से होगी मेले की बंदोबस्ती सहरसा अध्यक्ष श्रीरक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति सह जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से श्रीरक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति की भूमि पर 20 दिसंबर से 19 जनवरी तक महायोगिनी मेला के आयोजन का निर्णय लिया गया. सचिव मंदिर, न्यास समिति सह अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने बैठक में जानकारी दी कि प्रत्येक वर्ष माह दिसंबर मध्य से जनवरी के मध्य तक श्रीरक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर की भूमि पर महायोगिनी मेला का आयोजन होता आ रहा है. इस वर्ष भी महायोगिनी मेला के आयोजन के संदर्भ में निर्णय लिया गया है. श्रीरक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति का कार्यकाल समाप्त हो जाने एवं नयी समिति का गठन नहीं होने के कारण पूर्व के न्यास समिति सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया. जिससे आगामी आयोजित होने वाले मेला के लिए उनके अनुभव एवं सुझाव प्राप्त हो सके. इन आमंत्रित सदस्यों के द्वारा भी जानकारी दी गयी कि प्रत्येक वर्ष महायोगिनी मेला का आयोजन होता आ रहा है. इस वर्ष भी महायोगिनी मेला का आयोजन कराया जाये. जिसके बाद श्रीरक्तकाली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति की भूमि पर 20 दिसंबर 2024 से 19 जनवरी 2025 तक महायोगिनी मेला का आयोजन किये जाने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. वर्ष 2023-24 में महायोगिनी मेला का आयोजन के लिए खुली डाक के माध्यम से सुरक्षित जमा राशि 38 लाख 50 हजार रुपये के आधार पर मेला की बंदोबस्ती 41 लाख सात हजार रुपये में हुआ था. वर्तमान में पूर्व के वित्तीय वर्ष 2023-24 की बंदोबस्ती राशि का 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए सुरक्षित जमा राशि 45 लाख 17 हजार सात सौ रुपये करते हुए बंदोबस्ती की तिथि निर्धारण कर आम सूचना प्रकाशन कराये जाने का निर्णय हुआ. इस पर मौजूद सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की गयी. साथ ही ससमय पूर्व की भांति आम सूचना प्रकाशन की कार्रवाई करने का निदेश सचिव सह अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं उप विकास आयुक्त को दिया गया. आम सूचना के बाद खुली डाक की बोली 13 दिसंबर को विकास भवन सभाकक्ष में आयोजन करने का निर्णय लिया गया. साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि खुली डाक की बोली के लिए निर्धारित तिथि को विभागीय नियमानुसार डाकवक्ता की संख्या पूर्ण नहीं होती है तो सचिव फिर से अल्पकालीन आम सूचना प्रकाशित करेंगे. डाक के दौरान जिस डाकवक्ता द्वारा सबसे उंची बोली लगाई जायेगी, उस डाकवक्ता को मेला आयोजन करने के लिए बंदोबस्ती निर्गत करेंगे. मेला का निर्धारित अवधि समाप्त होने के चार दिनों के अंदर मेला परिसर को मेला आयोजक द्वारा खाली करना होगा. किसी भी कारणवश इस अवधि में मेला परिसर खाली नहीं होने की स्थिति में सुरक्षित राशि का दो प्रतिशत राशि प्रतिदिन दंड के रूप में मेला आयोजनकर्ता से वसूली जायेगी. मंदिर व्यवस्थापक कुमार हीरा प्रभाकर ने बताया कि कुछ वैधानिक अड़चन के कारण महायोगिनी मेला लगाने में विलंब हो रहा था. लेकिन प्रशासनिक पहल के बाद मेला लगाने का आदेश मिल गया है. आशा है कि इस बार भी मंदिर को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी.

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