पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जा रहे कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा
Published by :Dipankar Shriwastaw
Published at :19 Jan 2026 7:22 PM (IST)
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जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वर्तमान में किये जा रहे प्रयासों एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की गयी.
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई पर्यावरण समिति जिला गंगा समिति की बैठक
सहरसा. जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पर्यावरण एवं जिला गंगा समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर वर्तमान में किये जा रहे प्रयासों एवं भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत चर्चा की गयी. समीक्षा के क्रम में जिले में क्रियान्वित उद्योगों में अपशिष्ट जल गुणवत्ता, वायु गुणवता के जांच के लिए प्रयास क्रम में बताया गया कि नियमानुसार ऐसे दो औद्योगिक उपक्रम जिला में संचालित हैं, जिनको संचालन की स्वीकृति सभी बिंदुओं के जांच के बाद दी गयी है. महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को तत्संबंधी जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. जानकारी दी गयी कि घरों, उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के प्रसंस्करण के लिए जिले में तीन एसटीपी का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि का चयन पूर्ण कर लिया गया है. निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होना प्रस्तावित है. वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है. जिसके कारण गंभीर स्वास्थ्य संबंधित समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसका समुचित निदान अपरिहार्य है. वायु प्रदूषण पर यथासंभव नियंत्रण के लिए पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग को शोल्डर्स निर्माण क्रम में इसको ढकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने, अवसंरचना निर्माण में प्रयुक्त होने वाले सामग्रियों को ढकने, अवसंरचना निर्माण स्थलों पर निरंतर पानी के छिड़काव का निर्देश दिया. ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यथासंभव ध्वनिरहित जेनरेटर के उपयोग का निर्देश दिया.जिले में हरित आवरण में गुणात्मक बढ़ोतरी का लिया गया निर्णय
पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले में हरित आवरण में गुणात्मक बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया. वर्तमान में प्रभावी एकल उपयोग प्लास्टिक प्रतिबंध का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से नगर आयुक्त नगर निगम, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत, नगर परिषद को एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान के लिए निर्देशित किया. जैव चिकित्सीय अपशिष्ट निवारण सुनिश्चित कराने के निमित सिविल सर्जन को निजी चिकित्सीय संस्थानों के वृहद जांच का निर्देश दिया. बैठक में प्रमंडलीय वन पदाधिकारी भरत चिन्तपल्ली, सिविल सर्जन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, डीपीओ आइसीडीएस, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला योजना पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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