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कार्यशाला के दौरान बच्चों को तबला वादन का दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

Updated at : 23 Dec 2025 6:51 PM (IST)
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कार्यशाला के दौरान बच्चों को तबला वादन का दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

कार्यशाला के दौरान बच्चों को तबला वादन का दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण

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किलकारी में 10 दिवसीय तबला कार्यशाला का हुआ सफल आयोजन सहरसा. बिहार बाल भवन किलकारी में बच्चों के सर्वागीण विकास, सांस्कृतिक चेतना व भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से परिचय कराने के उद्देश्य से 10 दिवसीय तबला कार्यशाला का सफल आयोजन 13 से 23 दिसंबर तक किया गया. इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न विद्यालयों व क्षेत्रों से आये संगीत में रुचि रखने वाले बच्चों ने अत्यंत उत्साह, अनुशासन व समर्पण के साथ सहभागिता की. इस विशेष कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षक के रूप में डॉ अभिषेक तुषार ने बच्चों को तबला वादन का प्रशिक्षण दिया. डॉ अभिषेक तुषार बनारस घराने के संगीतज्ञ हैं एवं वे भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुदृढ़ गुरु-शिष्य परंपरा के संवाहक माने जाते हैं. कार्यशाला के दौरान बच्चों को तबला वादन के विभिन्न प्रारंभिक बोलों का विस्तृत, क्रमबद्ध व व्यावहारिक अभ्यास कराया गया. इसके बाद बच्चों को विभिन्न कायदे, उनके पल्टे व ताल के अनुसार उनके विस्तार एवं प्रस्तुतीकरण की विधियां सिखाई गयी. इसके साथ ही कार्यशाला में बच्चों को तबला वादन की उन्नत विधाओं से भी परिचित कराया गया. डॉ अभिषेक तुषार ने प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को केवल अभ्यास तक सीमित नहीं रखते भारतीय शास्त्रीय संगीत की मर्यादा, अनुशासन, साधना व निरंतर अभ्यास के महत्व को भी रेखांकित किया. उन्होंने बच्चों को बताया कि तबला केवल वाद्य नहीं, बल्कि साधना एवं धैर्य का माध्यम है. जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को भी संतुलित करता है. कार्यशाला के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो आरती, डॉ. गिरिधर श्रीवास्तव, प्रो गौतम सिंह, शैलेंद्र नारायण सिंह एवं विजय कुमार वर्मा शामिल हुए. यह समारोह मुख्य रूप से बच्चों द्वारा तबला कार्यशाला के दौरान सीखी गयी विधाओं की प्रस्तुति की गयी. बच्चों ने मंच पर क्रमबद्ध ढंग से प्रारंभिक बोलों से लेकर कायदे, पल्टे, तिहाइयों व परन प्रस्तुत कर अपने दस दिवसीय अभ्यास का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान करने के लिए इसके साथ स्वागत गीत, गणेश वंदना नृत्य, सरस्वती वंदना नृत्य व स्वागत नृत्य की प्रस्तुतियां भी दी गयी. समापन समारोह में मौजूद अभिभावकों, अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों ने बच्चों की प्रगति, अनुशासन व आत्मविश्वास की भूरि-भूरि प्रशंसा की. प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक प्रणव भारती ने कहा कि किलकारी द्वारा बच्चों को अवसर प्रदान करना व खासकर लड़कियों को तबला वादन के लिए प्रोत्साहित करना है. साथ ही तबला विद्या के लिए एक वातावरण निर्माण करने का प्रयास है. इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय ख्यति प्राप्त गुरु से मार्गदर्शन मिलने से बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्राप्त हुआ है. कार्यशाला में क्षेत्र के मयंक कुमार, रिया कुमारी, अनुभव कुमार, अंश आनंद, अंश कुमार, हिमांशु कुमार, आयुष कुमार, रिशु कुमारी, मेघा कुमारी, खुशी कुमारी, लकी कुमारी, प्रतिक पराशर, सत्यम कुमार सहित अन्य बच्चों ने भाग लिया. साथ ही किलकारी, पूर्णिया से लव कुमार, नमन कुमार, आर्यन आनंद, प्रणव कश्यप, वासु राज ने भाग लिया व किलकारी, पूर्णिया के तबला प्रशिक्षक मुकेश कुमार भी शामिल हुए. कार्यशाला का संचालन तबला प्रशिक्षक निभाष कुमार एवं तबला विद्या के सीनियर बच्चों ने सहयोग किया. साथ ही कार्यालय कर्मी में प्रमंडल संसाधन सेवी शब्दा हज्जू, सहायक लेखा पदाधिकारी विश्व विजय झा. नामांकन प्रभारी मौसमी कुमारी, चित्रकला प्रशिक्षिका अन्नू कुमारी, बाल सहयोगी आयुष राज, हस्तकला प्रशिक्षक विकास भारती, नृत्य प्रशिक्षिका आर्ची कुमारी, कंप्यूटर प्रशिक्षिका शिखा कुमारी, चेस प्रशिक्षिका प्रेरणा कुमारी एवं अन्य लोगों ने विशेष भूमिका निभाई.

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