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दिव्यांगों को मिले कम से कम तीन हजार पेंशन

Updated at : 03 Dec 2024 6:32 PM (IST)
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दिव्यांगों को मिले कम से कम तीन हजार पेंशन

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अंतराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगों ने समाहरणालय पर किया प्रदर्शनडीएम को सौंपा छह सूत्री मांग पत्र सहरसा . अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर मंगलवार को कोसी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति द्वारा दिव्यांगों का आक्रोश रैली निकाली गयी. साथ ही दिव्यांगों की समस्या समाधान के लिए जिलाधिकारी को छह सूत्री मांग पत्र समर्पित किया गया. समिति अध्यक्ष विनय भूषण प्रसाद ने बताया कि डीबी रोड स्थित प्रधान कार्यालय से रैली निकाल कर समाहरणालय द्वार पर विशाल प्रदर्शन कर मांग पत्र सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि दिव्यांगों का विकास योजना प्रखंड, अनुमंडल व जिला स्तर पर मृत प्राय है. दिव्यांगों को मात्र चार सौ रूपया पेंशन का भुगतान वर्षों से हो रहा है. जबकि राज्य सरकार से पेंशन बढ़ोतरी की मांग वर्षो से की जा रही है. उन्होंने दिव्यांगों को कम से कम तीन हजार पेंशन स्वीकृति की मांग की. साथ ही जिले में मूक बधिर एवं मानसिक दिव्यांगों का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाना एक एक बड़ी जटिल समस्या है. जिसके कारण निर्धन एवं गरीब परिवार को मानसिक एवं मूक बधिर दिव्यांग शारीरिक एवं आर्थिक समस्या के कारण प्रमाण पत्र से वंचित हो रहे हैं. उन्होंने मानसिक मूक बधिर दिव्यांगों का विशेष जांच शिविर आयोजन कर प्रमाण पत्र निगम निर्गत किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाय. वहीं दिव्यांगों के परिवार के समक्ष भुखमरी की समस्या उत्पन्न है. सरकार के अन्नपूर्णा योजना के तहत सभी दिव्यांगों को 35 किलोग्राम अनाज निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की. विनय भूषण प्रसाद ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा गरीब हरिजन एवं आदिवासी भूमिहीन परिवार को भूमि का पर्चा दिया जाता है. जबकि इन वर्गों से भी दिव्यांगजन निम्न वर्ग में आते हैं. इसलिए भूमिहीन दिव्यांगों की पहचान कर भूमि का पर्चा उपलब्ध करने के लिए भूमि सुधार उपसमाहर्ता एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी को आदेश देने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को अपनी शारीरिक अक्षमता के कारण परिवार के भरण पोषण में काफी कठिनाई होती है. दिव्यांगों को रोजगार के लिए कोई भी राष्ट्रीयकृत बैंक एवं जीविका के माध्यम से छोटे-मोटे रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है. जिस कारण दिव्यांग अपने दिव्यांगता के साथ बेरोजगारी से भी ग्रसित हैं. उनकी जीवन अवस्था को सुधारने के लिए समाज एवं राज्य के विकास के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक एवं जीविका को ऋण देने के लिए निर्देश देने की मांग की. उन्होंने कहा कि दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांगों की ज्वलंत समस्या के समाधान के लिए छह सूत्री मांग पत्र समर्पित किया गया है. जिस पर सहानुुभूति पूर्वक विचार करते हुए दिव्यांगों की मुख्य मांगों को मानने का आग्रह किया. मौके पर प्रधान कार्यालय में सामाजिक सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर मो मुस्तकीम, जयंती कुमारी, मुकेश कुमार यादव, उपेंद्र शाह, अवधेश राम, कुमरदेव, सुनील कुमार झा, शिवराम शर्मा, सुनील ठाकुर, उमेश कुमार, शिव शंकर झा, रोशन कुमार चौधरी, सरिता कुमारी, गौतम कुमार सिंह, हीरा भगत, मो शमशेर, दीपक कुमार, रामरतन शाह, अनिल कुमार राय, मुकुंद माधव, एवं टुन्नी कुमारी दिव्यांग को शॉल देकर सम्मानित किया. मौके पर सुनील कुमार ठाकुर, मुकेश कुमार, राम रतन शाह, रोशन कुमार चौधरी, शिव शंकर झा, युगल किशोर, पूनम कुमारी सहित अन्य मौजूद थे.

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