सरकार से कृषि इनपुट अनुदान योजना में जिले को शामिल करने की मांग

किसानों की फसल के क्षतिपूर्ति को लेकर शुक्रवार को महागठबंधन प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
महागठबंधन प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सहरसा. जिले में मोंथा चक्रवाती तूफान, बाढ़ एवं ओलावृष्टि से बर्बाद हुए किसानों की फसल के क्षतिपूर्ति को लेकर शुक्रवार को महागठबंधन प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. साथ ही जिला को कृषि इनपुट अनुदान योजना की सूची में शामिल कर किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का लाभ देने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल में महागठबंधन के जिला संयोजक सह राजद जिलाध्यक्ष मो ताहिर के नेतृत्व में सीपीएम जिला सचिव रंधीर यादव, सीपीआइ जिला सचिव परमानंद ठाकुर, कांग्रेस के वरीय उपाध्यक्ष कुमार हीरा प्रभाकर, भाकपा माले नेता कुंदन यादव, आइआइपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ धनोज कुमार, कांग्रेस आईटी सेल के आशीष कुमार शामिल थे.महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि जिले में मोंथा चक्रवाती तूफान, बाढ़ एवं ओलावृष्टि से किसानों की धान व अन्य खरीफ फसलें काफी क्षति हुई. किसानों को काफी बर्बादी का दंश झेलना पड़ा. विगत दिनों सरकार ने 12 जिलों को कृषि इनपुट अनुदान योजना एवं फसल क्षतिपूर्ति देने की घोषणा की. लेकिन बाढ़, मोंथा चक्रवाती तूफान एवं ओलावृष्टि से प्रभावित सहरसा जिला के किसानों के साथ भेदभाव रवैया अपनाकर भद्दा मजाक किया. इस योजना की सूची से पूरे सहरसा जिले को बाहर कर किसानों के गहरे जख्म पर नमक छिड़कने का काम किया, जबकि अगल-बगल के जिले पूरब में मधेपुरा, उत्तर में सुपौल एवं पश्चिम में दरभंगा व मधुबनी को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है. फिर सहरसा के किसानों के साथ नाइंसाफी क्यों. महागठबंधन के नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की कि सहरसा जिला को कृषि इनपुट अनुदान योजना की सूची में शामिल कर जिले के किसानों को क्षतिपूर्ति का मुआवजा दें.
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