ePaper

सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का लिया निर्णय, सब्जी व्यवसायी संघ ने की बैठक

Updated at : 04 Jan 2026 6:21 PM (IST)
विज्ञापन
सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का लिया निर्णय, सब्जी व्यवसायी संघ ने की बैठक

सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने का लिया निर्णय,

विज्ञापन

सहरसा. बड़ी दुर्गा मंदिर के प्रांगण में शनिवार को सब्जी व्यवसायी संघ की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में शंकर चौक से चांदनी चौक तक की सड़क को अतिक्रमण मुक्त व आवाजाही को सुचारू रूप से रखने पर विचार-विमर्श किया गया. जानकारी देते संघ सचिव मनोज कुमार मुन्ना ने कहा कि सभी सब्जी के थोक व खुदरा विक्रेता व मसाला दुकानदारों ने प्रशासन को सहयोग करने की अपनी-अपनी सहमति जताई है. जिला प्रशासन व रेलवे को सहयोग करने का भी मन बना लिया है. जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. रेलवे की तरफ से भी सब्जी मंडी के दुकानदारों को मानसिक उत्पीड़न को भी झेलना नहीं पड़े. उन्होंने कहा कि निर्णय को सुचारू रूप से रखने में प्रशासन की तरफ से भी हम दुकानदारों को सहयोग मिलेगा. भविष्य में रेलवे ने हमें दुकान खाली कराने की नौबत आयी तो उससे पहले प्रशासन सुव्यवस्थित तरीके से हमें किसी दूसरी जगह बसाने का कार्य करेंगे. मौके पर अध्यक्ष कैलाश प्रसाद, अखिलेश कुमार, राम नरेश केशरी, श्याम सुन्दर दास, पंकज कुमार, संजय कुमार चौधरी, पकज कुमार भगत, बबलू कुमार, मनोज कुमार शर्मा, ओम प्रकाश भगत, दशरथ महतो, प्रमोद साह, राम बाबू राय, मिथिलेश कुमार पौधारी, मुकेश भगत, बीरबल कुमार भगत, राजीव कुमार साह, सजीव कुमार चौधरी, रोजीत कुमार, गौतम भगत, राजन कुमार, प्रभु भगत, धीरज कुमार, सोनु भगत, मो कमाल, अशोक कुमार राय सहित अन्य मौजूद थे. दुकान तोड़ने से पहले दुकान आवंटित कर बसाये प्रशासन: नवीन सहरसा . सब्जी बाजार व्यवसायी संघ के उपाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह उर्फ बजरंगबली ने कहा कि सब्जी बाजार के दुकानदारों को दुकान तोड़ने के लिए रेलवे द्वारा बराबर नोटिस भेजा जा रहा है. रेलवे दुकान को तोड़ने की बात कह रही है. लेकिन बसाने की बात नहीं कर रही है. सब्जी बाजार में करीब एक सौ व्यवसायी हैं जिनका जीवन यापन इसी पर आश्रित है. दुकानदारों की दुकान का रेलवे द्वारा 1963 से रसीद कट रहा है. रेलवे की शहर में कई जगह जमीन है. रेलवे ने पहले 50 दुकानदारों की दुकान तोड़ी. जिसमें 47 दुकानदारों को दुकान आवंटित कर बसाया गया. उन्होंने कहा कि न्यायालय व सरकार के नियमों के मुताबिक भी जब किसी लोगों को हटाया जाता है तो उससे पहले उस व्यक्ति को बसाये जाने का नियम है. हम दुकानदार भी इस नियम के तहत बसने के हकदार हैं. उन्होंने रेल व जिला प्रशासन से आग्रह किया कि दुकानदारों के परिवार को भुखमरी की ओर नहीं धकेलें. सभी दुकानदारों को दुकान तोड़ने से पहले कहीं दुकान आवंटित कर बसाया जाये. जिससे शहर स्वच्छ व सुंदर दिखे. उन्होंने कहा कि दुकानदारों की समस्याओं को लेकर रेल प्रशासन, जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते लगाते थक गये हैं. लेकिन अभी तक कोई निदान नहीं निकला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन