ऑपरेशन सिंदूर के तहत अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार करने पर कांग्रेस ने जतायी नाराजगी

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ऑपरेशन सिंदूर के तहत अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार करने पर कांग्रेस ने जतायी नाराजगी

अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार करने पर कांग्रेस ने जतायी नाराजगी

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देशवासियों को इसकी सच्चाई से की अवगत कराने की मांग सहरसा . जिला कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई रोके जाने व अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार करने पर एआईसीसी सदस्य सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ तारानंद सादा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने एक सौ चालीस करोड़ भारतवासी को इसकी सच्चाई से अवगत कराने की मांग पीएम मोदी से की. उन्होंने कहा कि भारत एवं पाकिस्तान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से सीजफायर का एलान किया गया, जो घोर आश्चर्यजनक है. कांग्रेस का हमेशा मानना रहा है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है. किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं होने चाहिए. कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने राजनीतिक मतभेद अलग रखकर सरकार को पहलगाम पर पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी कार्रवाई के लिए असाधारण संपूर्ण समर्थन दिया. पूरा देश भारतीय सेना के पराक्रम, शौर्य एवं वीरता पर गर्व महसूस कर रहा है. जहां जनता हर पल सेना के शौर्य क्षमता का सलाम करते आत्म बल बढ़ा रहे थे. वहीं अमेरिकी हस्तक्षेप से सीजफायर की घोषणा कर उनका मनोबल गिरा दिया गया. भाजपा सरकार सीजफायर के लिए ना ही देश की जनता को विश्वास में लिया एवं ना ही कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल को ही इसकी जानकारी दी गयी. हर हिन्दुस्तानी को सेना के लगातार सफलता एवं पाकिस्तान के नापाक इरादे को नेस्तानाबूद करने की मंशा भा रही थी. पूरा देश जय हिन्द से गूंज गया. ऐसे समय में नतमस्तक की भूमिका में 56 इंच के प्रधानमंत्री आ गये. जिससे लोग हतप्रभ हैं. स्व इंदिरा गांधी ने 1971 में पाकिस्तान को दो टुकड़े में कर दिया. अमेरिका उस समय भी हस्तक्षेप की मुद्रा में आया तो इंदिरा जी ने उसे नकार भारत का विश्व पटल पर परचम लहराया. जहां आज मोदी सरकार विपक्ष को केवल निशाना बनाने में लगी है. वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे पर विश्वास में नहीं लिया. वहीं इंदिरा गांधी व तत्कालीन विपक्ष के नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संयुक्त राष्ट्र संघ में पक्ष रखने भेजा. हर मुद्दे के राजनीतिकरण में माहिर भाजपा एवं उनके अनुषंगी संगठन इंदिरा जी की प्रांसगिकता को नकारने में लगी है. इतना ही नहीं इंदिरा जी सहित देश के महापुरुषों का अपमान करना भाजपा नेताओं की डीएनए में शामिल हो गया है. जिसकी जितनी निंदा एवं भर्त्सना की जाए कम है. कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी सहित तमाम विपक्ष देश की सुरक्षा व आतंकवाद के खात्मे के लिए सामूहिक रूप से संकल्पित है. मौके पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोडिर्नेटर संजय महाराज, जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार झा, मीडिया प्रभारी कुमार हीरा प्रभाकर, इंटक अध्यक्ष सत्य नारायण चौपाल, प्रदेश प्रतिनिधि राम सागर पाण्डेय, मो नईम उद्दीन, नगर अध्यक्ष बीरेंद्र पासवान, ईला कुमारी, भरत झा, बैजनाथ झा, छब्बू यादव सहित अन्य मौजूद थे.

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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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