ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को प्यार की जरूरतः प्रधानाचार्य

Updated at : 03 Apr 2026 5:51 PM (IST)
विज्ञापन
ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को प्यार की जरूरतः प्रधानाचार्य

ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों को प्यार की जरूरतः प्रधानाचार्य

विज्ञापन

विश्व ऑटिज्म दिवस पर एसएनएसआरकेएस कॉलेज में हुआ एकदिवसीय सेमिनार सहरसा . विश्व ऑटिज्म दिवस के अवसर पर सर्व नारायण सिंह राम कुमार सिंह महाविद्यालय में गुरुवार को मनोविज्ञान विभाग एवं आइक्यूएसी द्वारा ऑटिज्म एबिलिटी नॉट डिसेबिलिटी विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की गयी. उसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना का गायन किया. उद्घाटन सत्र में विषय प्रवर्तन करते डॉ निरपेन्द्र कुमार सिन्हा ने वर्ल्ड ऑटिज्म डे के बारे में विस्तार पूर्वक बताया. अतिथि वक्ताओं को पाग, चादर एवं बुके देकर सम्मानित किया गया. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रविंद्र कुमार शर्मा ने ऑटिज्म के सकारात्मक पहलू के बारे में बताया. उन्होंने आइंस्टीन, न्यूटन, एलन मस्क एवं ग्रेटा थनवर्ग जैसे विश्व प्रसिद्ध व्यक्ति के बारे में बताया, जो ऑटिज्म से ग्रसित थे. उन्होंने ऑटिज्म के मिथक एवं वास्तविकता के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे खुद को बदलना नहीं चाहते. वह एक ही काम को बार-बार करते हैं. अगर कोई बच्चा गाड़ी का चक्का घुमा रहा है तो वह बार-बार चक्का ही घुमाएगा. मां बाप को ऐसे बच्चों का सम्मान करना चाहिए. उसे स्वीकार करना चाहिए. ऐसे बच्चों के प्रति कारुणिक शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए एवं उसकी रुचि का सम्मान करना चाहिए. अतिथि वक्ता डॉ अबू सलाह ने ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के बारे में बताया कि ऐसे बच्चे किसी चीज पर खुद को गहराई से केंद्रित रखते हैं. डाटा एनालिसिस करने में ये माहिर होते हैं. ऐसे बच्चे ईमानदार एवं स्पष्टवादी होते हैं. उन्होंने बताया कि ऑटिज्म वायरल या बैक्टीरियल डिजीज नहीं है. यह समस्या अनुवांशिक होती है या जन्म के समय नस के दबने से होती है. डॉ अबू सलाह ने ऑटिज्म के लक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक बताया. उन्होंने यह भी कहा ऐसे बच्चे दुनिया को अलग नजरिए से देखते हैं. आईक्यूएसी कोर्डिनेटर डॉ सुभाष कुमार ने कहा कि ऐसे बच्चों के साथ भी सामान्य व्यवहार होना चाहिए. असामान्य व्यवहार करने से ऐसे बच्चे और आत्मकेंद्रित होते जाते हैं. जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध होता है. मनोविज्ञान विभाग की सहायक अध्यापिका डॉ रबाब फातिमा ने एक अच्छी कविता के माध्यम से ऑटिज्म की समस्या को प्रस्तुत किया. उन्होंने अपनी कविता में कहा कि तुम्हारी दुनिया हमसे अलग है, तुम बच्चे नहीं बल्कि एक खास किस्म के चमत्कार हो. अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य डॉ अनंत कुमार सिंह ने किया. इस मौके पर उन्होंने ऑटिज्म एवं उसके आधुनिक परिप्रेक्ष्य पर बात की. दूसरे सत्र में छात्र-छात्राओं ने शोध-आलेख का पाठ किया. अर्पण कुमारी, संजीत कुमार, राजकुमार, लक्ष्मी कुमारी, डॉली कुमारी, कुमारी शिल्पी, डिंपल जायसवाल, अजय कुमार, नीतू भारती, निक्की कुमारी, केडी कुमारी, कुंदन कुमारी ने अपने-अपने शोध आलेख का पाठ किया. प्राध्यापकों में डॉ धर्मव्रत चौधरी, डॉ प्रदीप तिवारी, डॉ राजेश कुमार, डॉ शादाब आलम, डॉ सबीहा समीम, डॉ राजकुमार ने भी अपनी बात रखी. दूसरे सत्र में धन्यवाद ज्ञापन करते मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि इस सेमिनार की सफलता का सर्वाधिक श्रेय हमारे छात्र-छात्राओं को जाता है. उनकी भागीदारी नहीं होती तो यह कार्यक्रम सफल नहीं होता. उन्होंने अपने विभागीय सहयोगी प्राध्यापक एवं अन्य प्राध्यापकों के प्रति भी आभार व्यक्त किया. शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के प्रति भी उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया. मंच संचालन डॉ सुभाष कुमार एवं डॉ निरपेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया. मौके पर नवनिर्वाचित सीनेट सदस्या डॉ कुमारी सीमा, सीनेट सदस्य डॉ संजीव शंकर सिंह, डॉ रंजय कुमार सिंह, डॉ हेमंत कुमार,डॉ कपिल देव पासवान, डॉ रामनरेश पासवान, डॉ गायत्री कुमारी, डॉ प्रेमलता, डॉ मनोज विद्यासागर, डॉ सुधांशु शेखर, डॉ जवाहर चौरसिया, डॉ विकास कुमार सिंह, डॉ गौरी, डॉ सुमन स्वराज, डॉ मोतीबुर रहमान, डॉ वलीउल्लाह आलम, डॉ पंकज कुमार, डॉ मीरा कुमारी, डॉ कंचन, डॉ चांदनी कुमारी, डॉ सत्यबाला, डॉ खुशबू कुमारी, डॉ रीना कुमारी, डॉ ममता कुमारी, डॉ प्रदीप तिवारी, डॉ इरफान अहमद, डॉ एम साबिर अहमद, डॉ सुलेखा कुमारी, डॉ विभूति भूषण, डॉ चंदन कुमार, डॉ अनंत कुमार शर्मा, संजय कुमार सिंह, किशोर कुमार सिंह, परशुराम सिंह, उदय कुमार, ओम प्रकाश सिंह, बबीता कुमारी, अल्पना कुमारी, मनीषा कुमारी सहित अन्य शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं मौजूद थे. फोटो – सहरसा 06 – कार्यक्रम में मौजूद अतिथि व अन्य

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन