शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है यह वैकल्पिक रास्ता
सहरसा. सदर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा दोनों मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है. जिसके कारण मॉडल अस्पताल जाने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को अब जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय वाले गेट से होकर आना-जाना पड़ता है. यह वैकल्पिक रास्ता शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मुख्य सड़क से जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय होते हुए मॉडल अस्पताल तक जाने वाली सड़क पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं है. दिन में तो किसी तरह आवाजाही हो जाती है, लेकिन शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है. अंधेरे के कारण बुजुर्ग मरीज, महिलाएं और गंभीर हालत में आने वाले मरीजों के परिजन खासे परेशान रहते हैं. शाम में अधिकांश माॅडल अस्पताल स्थित इमरजेंसी वार्ड के मरीजों की आवाजाही होती है. मरीजों के परिजनों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय से मॉडल अस्पताल तक जाने वाली सड़क पर तत्काल स्ट्रीट लाइट लगायी जाये. अस्पताल के मुख्य गेट को खोला जाये, ताकि मरीजों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

